भारत की स्वतंत्रता की तारीख और समय का निर्धारण उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित सूर्यनारायण व्यास ने ज्योतिषीय गणना के आधार पर किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आग्रह पर, पंडित व्यास ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता के लिए उपयुक्त बताया और आधी रात को औपचारिक ध्वजारोहण का सुझाव दिया, जिसे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वीकार किया। पंडित व्यास ने 1930 में ही भारत की आजादी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के राष्ट्रपति बनने की भविष्यवाणी कर दी थी, और पाकिस्तान के 14 अगस्त को बनने पर अस्थिरता की चेतावनी भी दी थी।