प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रनायकों और अमर सेनानियों को याद किया, कहा उनका साहस प्रेरणा बना रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में ‘भारत छोड़ो’ के आह्वान ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भरी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का ‘करो या मरो’ का आह्वान करोड़ों भारतीयों के लिए साहस की आवाज बना। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस आंदोलन को स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक अध्याय बताया, जिसकी ‘अगस्त क्रांति’ ने नई चेतना का संचार किया।
संसद के मानसून सत्र का 15वां दिन था, जिसमें लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। सत्र के तीन हफ्तों से सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई है। राज्यसभा अध्यक्ष ने भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ मनाई। कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली में सिद्धिविनायक मंदिर घोटाले पर विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, लोकसभा में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और कड़े दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिए गए।