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जबलपुर के बरगी बांध का जलस्तर 417 मीटर दर्ज, 25 जुलाई से 3.25 मीटर की वृद्धि

जबलपुर के रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) का जलस्तर 25 जुलाई को 413.75 मीटर से बढ़कर रविवार को 417 मीटर तक पहुंच गया है, जो 3.25 मीटर की वृद्धि दर्शाता है। बांध का अधिकतम जलस्तर 422.76 मीटर है, जिससे यह पांच मीटर खाली है। मौसम विभाग ने जबलपुर सहित छह जिलों में अगले 24-48 घंटों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, और बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

मंडला में नर्मदा सहित कई नदियां उफान पर, आवागमन बाधित; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मंडला जिले में सावन माह की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बीती रात से रविवार दोपहर तक जारी रही वर्षा के कारण नर्मदा सहित सहायक नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे वे उफान पर आ गए। इसके चलते मंडला-डिंडौरी, मंडला-कान्हा और रामनगर नर्मदा पुल सहित कई ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हो गए। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां, जिनमें पुलिस, होमगार्ड और एसडीईआरएफ शामिल हैं, स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिली है, हालांकि सिंगारपुर क्षेत्र में सब्जियों की फसल को नुकसान की आशंका है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच शिक्षकों को ई-अटेंडेंस में राहत

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। अब शिक्षक उफनती नदियों को पार कर स्कूल न जाकर प्राचार्य को सूचित करेंगे, जिस पर विभाग ध्यान देगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने जान जोखिम में डालकर स्कूल न पहुंचने के निर्देश दिए। सामान्य ई-अटेंडेंस 10:30 बजे तक है, 15 मिनट का ग्रेस पीरियड मिलेगा, पर लगातार लापरवाही पर वेतन कटौती हो सकती है। बैरसिया में आवागमन प्रभावित होने से शिक्षकों की ई-अटेंडेंस में समस्या आई, जिस पर शासकीय शिक्षक संगठन ने राहत और सुविधाओं की मांग की है।

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार

मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटों में लगभग 8 इंच बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल में रविवार रात से ही तेज बारिश जारी है। हालांकि, प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत कम है, जिसमें पूर्वी मध्यप्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश: घाटों, बांधों और झरनों पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस बल तैनात

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते बांध, तालाब और झरने सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। जलस्तर बढ़ने से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और नगर पालिकाओं को घाटों, बांधों और वॉटरफॉल्स के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस बल तैनात करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीवर चैंबरों का सर्वे और मरम्मत के भी आदेश दिए गए हैं। साथ ही, नदियों, झरनों और बांधों के पास जान जोखिम में डालकर रील या सेल्फी लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे तेज बारिश के आसार, 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मॉनसून फिर सक्रिय हो गया है, जिससे अगले 48 घंटों में पश्चिमी हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। शुक्रवार को उज्जैन सहित 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर और धार में अति भारी बारिश का अनुमान है। प्रदेश में अब तक औसतन 14.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम है। 47 जिले सामान्य से कम बारिश वाले हैं, जबकि भोपाल, इंदौर, देवास जैसे 8 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। सतपुड़ा बांध के सात गेट खोले गए हैं और पचमढ़ी में पर्यटन बढ़ा है।

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, छह जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जो 27 से 30 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियों को तेज करेंगी। हालांकि, राज्य में अभी भी औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आगामी वर्षा से इस कमी को काफी हद तक पूरा होने की उम्मीद है।

इंदौर में 30 और 31 जुलाई को झमाझम बारिश की संभावना, अगले चार दिन गरज-चमक के साथ हल्की बारिश

इंदौर में आगामी चार दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जिसमें 30 और 31 जुलाई को झमाझम बारिश का अनुमान है। ओडिशा और बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब क्षेत्र तथा अन्य मौसमी प्रणालियां राज्य में नमी लाएंगी, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। भारी बारिश के कारण अहमदाबाद-वीरमगांव रेलखंड पर इंदौर-गांधीधाम एक्सप्रेस का संचालन प्रभावित हुआ है, और भोपाल-इंदौर समेत 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

भोपाल में मानसून का आधा कोटा पूरा, पूर्वी MP में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल में मानसून के कुल 42 इंच औसत कोटा में से लगभग 21 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे सीजन का आधा कोटा पूरा हो गया है। भोपाल जिले में सामान्य से 1.8 इंच अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से रविवार से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, पूरे प्रदेश में अब तक सामान्य से 13% कम बारिश हुई है।

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, 15 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, पिछले 36 घंटों से 35 से अधिक जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बुधवार को शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी समेत 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में भी अच्छी बारिश की संभावना है। राज्य में वर्षा का अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश है। देवास में सर्वाधिक और आलीराजपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज हुई है।