मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कटनी ट्रांसपोर्ट नगर के 115 भूखंडों की निविदा प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। कोर्ट ने कहा कि निविदा के आधार पर होने वाला कोई भी आवंटन रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने कटनी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की याचिका पर यह आदेश दिया। एसोसिएशन ने निविदा को शासन के 1983 के आदेश और हाई कोर्ट के 2006 के आदेश के विपरीत बताया है। शासन ने भूमि का मूल्य 44.88 करोड़ रुपये बताया है।
जबलपुर में आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) के सेवानिवृत्त कर्मी जीवनलाल मलिक (84) से भूखंड की रजिस्ट्री के नाम पर आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। वर्ष 2020 में जीवनलाल ने एचएफ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के नैंसी स्वामी और अनूप मिश्रा को गुरैया गांव में 900 वर्गफुट भूखंड के लिए चार किस्तों में यह राशि दी थी। आरोपितों ने रजिस्ट्री का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में न तो भूखंड दिया और न ही पैसे लौटाए। पुलिस ने अब दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।