हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि न्याय पंचायत को सरकारी जमीन का मालिकाना हक किसी निजी व्यक्ति को देने का अधिकार नहीं है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने सतना जिले के रघुराज नगर में 40 डिसमिल जमीन से जुड़ी 27 साल पुरानी अपील खारिज कर दी। यह जमीन 1959 में एक विस्थापित व्यक्ति को दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि सक्षम राजस्व अधिकारी ही सरकारी जमीन का वैध हस्तांतरण कर सकता है और लंबे समय तक कब्जे या न्याय पंचायत की अनुमति से निजी स्वामित्व नहीं मिलता।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र में वक्फ की 2.7 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में दारुल शफकत सोसायटी के अध्यक्ष शाहिद अलीम खान व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। बोर्ड ने संस्था को 28 करोड़ 91 लाख रुपये की वसूली का नोटिस भी जारी किया है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने इसे नए वक्फ कानून के तहत देशभर में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया। यह संपत्ति 1961 से वक्फ के नाम अधिसूचित है, जिस पर संस्था ने बड़े हिस्से में कब्जा कर लिया था और अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
झाबुआ जिले के मेघनगर तहसील अंतर्गत नौगांवा ग्राम पंचायत में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक आदिवासी परिवार की 19 बीघा से अधिक पैतृक कृषि भूमि बिना उनकी जानकारी और सहमति के एक गैर-आदिवासी महिला नीतू राठौर के नाम दर्ज कर दी गई। पीड़ित परिवार ने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें स्थानीय पटवारी पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता और संविधान की धारा 165(6) के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। अपर कलेक्टर सीएस सोलंकी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मेघनगर की एसडीएम अवंधती प्रधान को जांच के निर्देश दिए हैं।
इंदौर में सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित सरकारी लक्जरी होटल की जमीन पर मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) और एआईसीटीएसएल के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। कृषि कॉलेज के सामने स्थित यह जमीन 2015-16 में एमपीटी को आवंटित की गई थी, जिस पर वर्तमान में एआईसीटीएसएल का बस डिपो है। एमपीटी ने जमीन खाली करने के नोटिस दिए हैं, जबकि एआईसीटीएसएल प्रशासन द्वारा उन्हें दिए गए आवंटन का हवाला दे रहा है। पर्यटन निगम सिंहस्थ से पहले होटल निर्माण का लक्ष्य रख रहा है, वहीं एआईसीटीएसएल इस जगह को अपने डिपो के लिए चाहता है।
टीकमगढ़ के अमर शहीद नारायणदास खरे की शहीद स्थली और मेला ग्राउंड की भूमि पर विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग के सीमांकन में शहीद स्थल की बाउंड्रीवाल और सामुदायिक भवन का हिस्सा निजी भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है। यह भूमि वर्तमान में दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के पुत्र अभिषेक यादव के नाम दर्ज है। कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने कथित फर्जी बेचनामे का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है। तहसीलदार ने रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की बात कही है, जबकि कलेक्टर यादव ने इसे अपनी पैतृक संपत्ति बताया है और सरकारी भूमि देने का सुझाव दिया है।
ग्वालियर में नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर को शासकीय भूमि के नामांतरण में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने यह कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान के प्रतिवेदन के आधार पर की। तोमर पर बिना परीक्षण किए शासकीय भूमि सर्वे क्रं 296/2 का नामांतरण आदेश पारित करने और फिर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना उसे निरस्त करने का आरोप है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय रहेगा और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
हाई कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि विवादित वसीयत के आधार पर राजस्व अधिकारी भूमि का नामांतरण नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकलपीठ ने बैतूल के एक मामले में यह आदेश दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने 1989 की कथित वसीयत पर नामांतरण का दावा किया था। प्रतिवादियों ने वसीयत को फर्जी बताते हुए चुनौती दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वसीयत की वैधता पर विवाद होने पर पक्षकारों को अपने अधिकारों की घोषणा के लिए सिविल कोर्ट जाना होगा, क्योंकि राजस्व अधिकारियों को ऐसे मामलों में फैसला करने का अधिकार नहीं है। बोर्ड आफ रेवेन्यू द्वारा पूर्व में पारित नामांतरण आदेशों को निरस्त करना उचित था।
इंदौर जिला प्रशासन ने करोड़ों की जमीन पर विकसित की जा रही 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है। अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने सुनवाई के बाद इन कॉलोनियों की जानकारी राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज करने के आदेश जारी किए, जिससे इन जमीनों पर खरीदी-बिक्री और विकास पर रोक लग गई है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर हुई जांच में 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार की गई थी, जिसमें से प्रथम चरण में 21 पर कार्रवाई हुई। इन अवैध कॉलोनियों में 26 हेक्टेयर जमीन और 30 से अधिक भू-स्वामी शामिल हैं, जिनकी उलझनें बढ़ेंगी।
पन्ना जिले के कमता गांव में जमीनी विवाद के चलते 26 वर्षीय बेटे रामदयाल पांडे ने अपनी 42 वर्षीय मां शीला पांडे की हत्या कर दी। घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे हुई जब आरोपी ने यूकेलिप्टस के डंडे से मां पर हमला किया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि सबूत मिटाने के लिए डंडा सूखे कुएं में फेंका था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर उप जेल पवई भेज दिया गया है। ग्रामीण बताते हैं कि मां हमेशा बेटे की जिद के आगे झुक जाती थीं।
जबलपुर हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने अपीलकर्ता हर प्रसाद यादव की वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए उनकी कारावास की सजा को घटाकर तीन वर्ष कर दिया। साथ ही, पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यादव पर टीकमगढ़ में अपनी एक ही जमीन को दो बार बेचने का आरोप था, जिसे कोर्ट ने सुनियोजित धोखाधड़ी माना।