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टीकमगढ़ शहीद स्थली की बाउंड्रीवॉल-भवन का हिस्सा निजी भूमि पर, दमोह कलेक्टर के पुत्र के नाम दर्ज

टीकमगढ़ के अमर शहीद नारायणदास खरे की शहीद स्थली और मेला ग्राउंड की भूमि पर विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग के सीमांकन में शहीद स्थल की बाउंड्रीवाल और सामुदायिक भवन का हिस्सा निजी भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है। यह भूमि वर्तमान में दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के पुत्र अभिषेक यादव के नाम दर्ज है। कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने कथित फर्जी बेचनामे का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है। तहसीलदार ने रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की बात कही है, जबकि कलेक्टर यादव ने इसे अपनी पैतृक संपत्ति बताया है और सरकारी भूमि देने का सुझाव दिया है।

शासकीय भूमि नामांतरण में अनियमितता पर नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर निलंबित

ग्वालियर में नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर को शासकीय भूमि के नामांतरण में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने यह कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान के प्रतिवेदन के आधार पर की। तोमर पर बिना परीक्षण किए शासकीय भूमि सर्वे क्रं 296/2 का नामांतरण आदेश पारित करने और फिर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना उसे निरस्त करने का आरोप है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय रहेगा और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

हाई कोर्ट ने कहा: विवादित वसीयत के आधार पर नामांतरण नहीं कर सकते राजस्व अधिकारी

हाई कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि विवादित वसीयत के आधार पर राजस्व अधिकारी भूमि का नामांतरण नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकलपीठ ने बैतूल के एक मामले में यह आदेश दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने 1989 की कथित वसीयत पर नामांतरण का दावा किया था। प्रतिवादियों ने वसीयत को फर्जी बताते हुए चुनौती दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वसीयत की वैधता पर विवाद होने पर पक्षकारों को अपने अधिकारों की घोषणा के लिए सिविल कोर्ट जाना होगा, क्योंकि राजस्व अधिकारियों को ऐसे मामलों में फैसला करने का अधिकार नहीं है। बोर्ड आफ रेवेन्यू द्वारा पूर्व में पारित नामांतरण आदेशों को निरस्त करना उचित था।

इंदौर में 21 कॉलोनियां अवैध घोषित, खसरे में दर्ज करने के आदेश जारी

इंदौर जिला प्रशासन ने करोड़ों की जमीन पर विकसित की जा रही 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है। अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने सुनवाई के बाद इन कॉलोनियों की जानकारी राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज करने के आदेश जारी किए, जिससे इन जमीनों पर खरीदी-बिक्री और विकास पर रोक लग गई है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर हुई जांच में 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार की गई थी, जिसमें से प्रथम चरण में 21 पर कार्रवाई हुई। इन अवैध कॉलोनियों में 26 हेक्टेयर जमीन और 30 से अधिक भू-स्वामी शामिल हैं, जिनकी उलझनें बढ़ेंगी।

पन्ना में जमीनी विवाद में बेटे ने मां की हत्या की

पन्ना जिले के कमता गांव में जमीनी विवाद के चलते 26 वर्षीय बेटे रामदयाल पांडे ने अपनी 42 वर्षीय मां शीला पांडे की हत्या कर दी। घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे हुई जब आरोपी ने यूकेलिप्टस के डंडे से मां पर हमला किया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि सबूत मिटाने के लिए डंडा सूखे कुएं में फेंका था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर उप जेल पवई भेज दिया गया है। ग्रामीण बताते हैं कि मां हमेशा बेटे की जिद के आगे झुक जाती थीं।

धोखाधड़ी मामले में हाई कोर्ट का फैसला: बुजुर्ग अपीलकर्ता की सजा घटी, जुर्माना बढ़ा

जबलपुर हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने अपीलकर्ता हर प्रसाद यादव की वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए उनकी कारावास की सजा को घटाकर तीन वर्ष कर दिया। साथ ही, पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यादव पर टीकमगढ़ में अपनी एक ही जमीन को दो बार बेचने का आरोप था, जिसे कोर्ट ने सुनियोजित धोखाधड़ी माना।

इंदौर: गीता विहार कॉलोनी में बंधक प्लॉट बेचने पर एसएम इन्फ्रा स्टेट के डायरेक्टर सहित दो पर एफआईआर

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने इंदौर के देपालपुर स्थित गीता विहार कॉलोनी में बंधक रखे प्लॉट बेचने के आरोप में एसएम इन्फ्रा स्टेट प्रा. लि. के डायरेक्टर सुरेश ठाकुर और दिनेश जाट सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि कॉलोनी के विकास कार्यों के लिए कलेक्टोरेट में बंधक रखे गए भूखंड क्रमांक 88, 89, 90 और 124 को वर्ष 2018 में करीब 55.80 लाख रुपये में बेच दिया गया। आरोपितों ने बंधक स्थिति छिपाकर यह विक्रय किया, जिसके कारण खरीदारों को आज तक संपत्ति का वैध स्वामित्व नहीं मिल सका है।

चिंतामन-नईखेड़ी रेल लाइन परियोजना में अड़चन, एसडीएम न्यायालय ने रेलवे अधिकारियों से मांगे दस्तावेज

उज्जैन में चिंतामन-नईखेड़ी नई रेल लाइन परियोजना ग्रामीणों के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई है। एसडीएम न्यायालय में हाईकोर्ट एडवोकेट ने किसानों की जमीन से बिना सूचना अलाइनमेंट निकालने पर आपत्ति जताई। रेलवे अधिकारियों से स्पष्ट दस्तावेज मांगे गए हैं और अगली सुनवाई 28 जुलाई को तय की गई है। ग्रामीणों ने रेलवे अफसरों पर रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है। यह परियोजना सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन स्टेशन का ट्रैफिक कम करने के लिए 189.04 करोड़ रुपये की लागत से 8.60 किमी नई पटरी बिछाकर बनाई जा रही है।

महाकाल मंदिर पार्किंग भूमि रजिस्ट्री: हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा

उज्जैन में महाकाल मंदिर पार्किंग के लिए उपयोग की जा रही 40 हजार वर्गफीट शासकीय भूमि की रजिस्ट्री को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि शासकीय जमीन की रजिस्ट्री कैसे हो गई। एडवोकेट जयेश गुरनानी ने बताया कि यह जमीन 1950 में शासकीय कारखाने के नाम दर्ज थी, पर बाद में निजी नाम दर्ज हो गए। तहसीलदार की अनुशंसा के बावजूद यह जमीन एक कंपनी को पंजीकृत कर दी गई थी। न्यायालय ने सिंहस्थ 2028 का भी उल्लेख किया।