धार में ऐतिहासिक भोजशाला विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 12 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है। पूर्व में 5 और 6 अगस्त की सुनवाई टल गई थी। इस सुनवाई में मंदिर और मस्जिद दोनों पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे। 14 अगस्त को शुक्रवार की नमाज़ से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अंतिम निर्णय तक भोजशाला के निकट खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज़ की वैकल्पिक व्यवस्था का आदेश दिया था, जिसके बाद खसरा नंबर 612 को नमाज़ स्थल के रूप में चिह्नित किया गया।
मध्य प्रदेश के धार जिले की भोजशाला से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर गुरुवार को सुनवाई टल गई। इसके चलते, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व निर्धारित अंतरिम व्यवस्था के अनुसार, इस शुक्रवार को भी भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 की भूमि पर दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और आवागमन व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को इस मामले को संवेदनशील बताते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 15 मई के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और वैकल्पिक नमाज स्थल की व्यवस्था दी थी।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में साध्वी ऋतंभरा ने मां वाग्देवी की आरती की और सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भोजशाला का संघर्ष सत्य की विजय है और इसने कृष्ण जन्मभूमि का मार्ग प्रशस्त किया है। साध्वी ऋतंभरा ने मां वाग्देवी के जल्द धार में विराजमान होने की बात कही और समाज से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि मालवा की भूमि धर्म के प्रति आग्रह रखने वाली है। इस बीच, धार भोजशाला को राष्ट्रीय सम्मान देने और स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अब 12 अगस्त को सुनवाई होगी। पूर्व में पांच और छह अगस्त को सुनवाई नहीं हो सकी थी। इस सुनवाई से शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, जिसके लिए प्रशासन को 14 अगस्त को होने वाली नमाज के मद्देनजर तैयारी रखनी होगी। सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत पिछले दो शुक्रवार को भोजशाला के पीछे खसरा नंबर 612 पर नमाज शांतिपूर्वक हो चुकी है। न्यायालय का निर्देश तय करेगा कि यह व्यवस्था जारी रहेगी या नई व्यवस्था बनेगी, जिस पर मंदिर और मस्जिद पक्ष अपना अगला कदम उठाएंगे।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में ऐतिहासिक भोजशाला विवाद से संबंधित मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर अहम सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति संजय कुमार और संजीव सचदेवा की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी, जो सूची में क्रमांक 177 पर सूचीबद्ध है। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद भोजशाला के पीछे स्थित खसरा क्रमांक 612 पर पहली बार शुक्रवार की नमाज अदा की गई थी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या मौजूदा अंतरिम व्यवस्था जारी रहेगी या कोई नया निर्देश जारी होगा। दोनों पक्ष अदालत के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं, जो प्रशासन की आगे की व्यवस्था तय करेगा। मस्जिद पक्ष अपनी कानूनी रणनीति तैयार कर रहा है।
मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला की मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने के लिए केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश संस्कृति सचिव के पत्र के बाद से लगातार प्रयास जारी हैं। लंदन में भी यह स्वीकार किया गया है कि प्रतिमा धार से लाई गई थी, और इसकी पहचान पर कोई विवाद नहीं है। इसकी वापसी भारत-ब्रिटेन के राजनयिक प्रयासों पर निर्भर है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ठाकुर की मांग पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने धार स्थित भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। ठाकुर ने 1 जून को सिंधिया को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व पर डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया था, जिसे संचार मंत्रालय ने राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए स्वीकार किया। औपचारिक जानकारी 29 जुलाई को मिली। ठाकुर ने इसे भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य प्रतीक बताया, जिससे देश-विदेश में भोजशाला की पहचान सशक्त होगी और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
धार की भोजशाला से संबंधित 11वीं सदी की मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटिश म्यूजियम से भारत वापस लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड ने इस प्रक्रिया को गति दी है। औपनिवेशिक काल में यह प्रतिमा अंग्रेज अपने साथ ले गए थे और वर्तमान में यह लंदन में है। एमपी हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद प्रतिमा वापसी की मांग तेज हुई है। बोर्ड ने मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क किया है और हरियाणा के सीएम को भी अवगत कराया है, जिसका उद्देश्य प्रतिमा को सरस्वती सभ्यता से जुड़े क्षेत्रों और संग्रहालय में प्रदर्शित करना है।
धार भोजशाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट 5 अगस्त को अंतिम सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के तहत खसरा संख्या 612 पर पहली नमाज के बाद अब नमाज की अंतरिम व्यवस्था के भविष्य पर न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन, मंदिर पक्ष और मस्जिद पक्ष, तीनों अंतिम सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। कानूनी जानकार मानते हैं कि अदालत अपना फैसला सुरक्षित रखने की स्थिति में वर्तमान व्यवस्था को जारी रखने का आदेश दे सकती है। दोनों पक्ष अपनी कानूनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
धार भोजशाला विवाद मामले में प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है। हालांकि, लगातार वर्षा के कारण जमीन गीली होने से मुस्लिम पक्ष सुबह 11 बजे स्थल की स्थिति देखना चाहता है, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच, स्थानीय निवासियों ने नमाज के लिए प्रस्तावित भूमि को अपनी निजी कृषि भूमि बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।