उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार शाम तक गुना में 85 मिलीमीटर और खंडवा में 58 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते इंदौर, भोपाल और जबलपुर समेत कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित लगभग सभी प्रमुख जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 15 अगस्त से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी वर्षा का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में मंगलवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले, जहां 12 जिलों में वर्षा दर्ज हुई, वहीं भोपाल में उमस रही। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए पूर्वी जिलों में तेज वर्षा की संभावना जताई है, विशेषकर टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी वर्षा का अनुमान है। मंगलवार को नौगांव में सर्वाधिक 42 मिमी वर्षा हुई। उत्तरी हिस्सों के ऊपर बने चक्रवात और मानसून द्रोणिका को इस मौसमी बदलाव का कारण बताया गया है।
मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते राजधानी भोपाल, सीहोर और रायसेन में सोमवार रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे उमस से राहत मिली है। हालांकि, प्रदेश में अब भी सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास में सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि आलीराजपुर में 74 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे वर्षा की कमी पूरी हो सकती है।