वर्ष 2023 में 35 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया गया था, जिसके आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए। हालांकि, मंत्रालय, विधानसभा और लोकभवन के कर्मचारियों को तीन साल बाद भी इसका लाभ नहीं मिला, जबकि शिक्षक और पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संवर्ग को यह लाभ दे दिया गया। इस असमानता के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने जल्द निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ अध्यक्ष सुधीर नायक ने बताया कि कैबिनेट अनुमोदन के लिए प्रकरण तीन साल से लंबित है।
मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भोपाल में अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में लगभग 1500 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा और 26 अक्टूबर को दो लाख कर्मचारी भोपाल में मंत्रालय का घेराव करेंगे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।