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भोपाल राजस्व विभाग सीमांकन में प्रदेश में सबसे पीछे, सैकड़ों मामले लंबित

भोपाल का राजस्व विभाग नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों के निराकरण में प्रदेश के सबसे खराब पांच जिलों में शामिल है। सीमांकन में राजधानी पूरे राज्य में सबसे निचले पायदान पर है, जिससे सैकड़ों मामले महीनों से लंबित हैं। तहसीलदार की गैरमौजूदगी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी प्रमुख कारण हैं। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में भी राजस्व विभाग 30,403 लंबित मामलों के साथ पहले नंबर पर है। भोपाल कलेक्टर प्रियांक मिश्रा ने लंबित मामलों में कमी आने और आगे भी सुधार का आश्वासन दिया है।

उज्जैन देश की ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमी’ का नया मॉडल बनने की ओर

उज्जैन देश की ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमी’ का नया मॉडल बनने की ओर अग्रसर है। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की 18 हजार करोड़ की विकास योजनाएं सिंहस्थ-2028 को अगले कई दशकों की अर्थव्यवस्था की बुनियाद बना रही हैं। इन योजनाओं में नए घाट, पुल, जल प्रदाय, सीवरेज नेटवर्क, यूनिटी मॉल और मेडिकल कॉलेज जैसे स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण शामिल है। महाकाल महालोक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि से स्थानीय व्यापार में तेजी आई है, और अब सिंहस्थ की तैयारी इसे स्थायी आर्थिक ढांचे में बदल रही है।

मध्य प्रदेश में मेधावी योजना: ग्रामीण सेवा पर एमबीबीएस ऋण 100% माफ

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जिससे अब पात्र विद्यार्थियों को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए भी लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। योजना के तहत, फीस की प्रतिपूर्ति के साथ आवश्यक अतिरिक्त राशि ब्याजमुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी। इस ऋण को मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर 100% माफ किया जा सकेगा, जबकि ढाई वर्ष की सेवा पर 50% की छूट मिलेगी।