दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी हार का कारण कांग्रेस के षड्यंत्र को बताया। उन्होंने भोपाल में कहा कि वे इस षड्यंत्र को समझ नहीं पाए और अन्य कारणों की समीक्षा की जाएगी। तिवारी ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर सीधा जवाब देने से बचा और भीतरघात पर समीक्षा की बात कही। उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और 2028 के चुनाव में खुद को साधारण कार्यकर्ता बताया। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी हार पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि सभी अपनी रणनीति की गहन समीक्षा करें।
दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आज घोषित किया जाएगा, जिसकी मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। यह नतीजा प्रदेश सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं डालेगा, लेकिन इसे वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। 30 जुलाई को 71.42% मतदान हुआ था। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव उनके नेतृत्व और क्षेत्रीय पकड़ के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके परिणामस्वरूप आगामी राजनीतिक रणनीतियों को दिशा मिलेगी।
दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना सोमवार 3 अगस्त को होगी, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा ने नए चेहरे आशुतोष तिवारी को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने अनुभवी नेता घनश्याम सिंह को मैदान में भेजा है। इस चुनाव में मतदान 71.44 प्रतिशत रहा, जो 2023 की तुलना में नौ प्रतिशत कम है। महिलाओं का मतदान भी 12 प्रतिशत घटा है, जिससे कांग्रेस उत्साहित है। इन परिणामों का पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के राजनीतिक भविष्य पर असर होगा, साथ ही कांग्रेस के संगठनात्मक प्रयासों की भी परीक्षा होगी।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव परिणाम पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। पिछले 12 वर्षों (2014-2026) के उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जिसने 52 में से 63 प्रतिशत सीटें जीती हैं। वहीं, कांग्रेस को 37 प्रतिशत सफलता मिली। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सत्ताधारी दल को अक्सर बढ़त मिलती है, हालांकि उम्मीदवार की लोकप्रियता भी मायने रखती है। दतिया का फैसला प्रदेश की राजनीतिक दिशा का संकेत देगा।
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान होगा, जिसके परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की धोखाधड़ी मामले में सदस्यता रद्द होने के कारण हो रहा है। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस से घनश्याम सिंह उम्मीदवार हैं। 291 मतदान केंद्रों पर कुल 2 लाख 20 हजार 410 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रचार का शोर थमने के बाद अब घर-घर दस्तक अभियान पर जोर दिया जा रहा है।