विजयपुर और दतिया उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस ने 11 अगस्त को भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वर्ष 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए विस्तृत रोडमैप और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पार्टी दतिया में सफल रहे बूथ-स्तरीय प्रबंधन को सभी 230 विधानसभा सीटों पर लागू करने पर विचार कर रही है। कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा जैसे बड़े नेता बैठक में शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आंदोलन की योजना बना रही है।
दतिया उपचुनाव के नतीजों ने कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे दिल्ली में भी राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। भाजपा के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की आगे की राजनीति और कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के निष्कासन पर चर्चाएं गर्म हैं। प्रधानमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान से फीडबैक लिया, जबकि कैलाश विजयवर्गीय और वीडी शर्मा ने अमित शाह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी दिल्ली पहुंचे। अन्य खबरों में, मध्य प्रदेश वन विकास निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
नीमच में युवक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाकर छात्र आंदोलन में ‘अमानवीय’ कार्रवाई का विरोध जताया। भाजपा ने इसे राजनीतिक गिरावट बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह बांगरेड़ ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने इसे कांग्रेसियों का ‘घिनौना कार्य’ बताया और कहा कि जंतर मंतर पर असामाजिक तत्व घुस आए थे।
दतिया उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी (आसपा) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने 22,527 वोट प्राप्त कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। उनके प्रदर्शन ने बसपा, कांग्रेस और भाजपा के वोटबैंक को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा 6,016 वोटों से चुनाव हार गई। यह उपचुनाव ग्वालियर-चंबल अंचल में दलित राजनीति में आसपा के संभावित उदय का संकेत देता है, जो 2028 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। 2018 के विधानसभा चुनावों में दलित वोटों के एकतरफा रुख ने इस क्षेत्र के राजनीतिक परिणामों को बदल दिया था, जिससे भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कटनी में मीडिया से चर्चा करते हुए दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत को जनता का फैसला बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार के वादे पूरे न करने का जवाब देते हुए उसे सत्ता से बेदखल किया है। पटवारी ने दावा किया कि 50 करोड़ रुपये खर्च करने और 20 मंत्रियों की तैनाती के बावजूद जनता ने सरकार को नकार दिया और कांग्रेस संगठन पर भरोसा जताया। उन्होंने संगठन को जमीन स्तर पर मजबूत करने और जल्द ही कटनी के हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से संवाद करने की बात कही।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार पर प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि संगठन हार के कारणों की समीक्षा करेगा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए चुनाव परिणामों की समीक्षा की बात कही है। विजयवर्गीय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गृहक्षेत्र में प्रशांत किशोर की जीत को ‘व्यक्ति-आधारित सीट’ का परिणाम बताया। साथ ही, मंत्री 9 जुलाई को रेवती रेंज में एक लाख पौधे लगाने का कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी.एल. संतोष भी शामिल होंगे।
मध्य प्रदेश में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सितंबर 2026 में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, कांग्रेस इसे अपने आंदोलन का परिणाम बता रही है, जबकि एबीवीपी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के रूप में देखा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने 2016-17 के ‘गेट वेल सून’ आंदोलन का जिक्र किया, जिसके दौरान छात्र नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई बड़े नेता उभरे हैं।
मध्य प्रदेश शासन के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने के आरोप में दायर याचिका पर जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा द्वारा दायर इस याचिका में आरोप है कि राजपूत ने चुनाव के दौरान करोड़ों की संपत्ति की जानकारी छिपाई थी, जिसके आधार पर चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पूर्व में भी इसी तरह के आरोपों पर कांग्रेस प्रत्याशी नीरज शर्मा की याचिका खारिज हो चुकी है, जिसका प्रभाव मौजूदा याचिका पर पड़ने की संभावना है।
कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से 24 घंटे पहले गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पार्टी में भीतरघात और नए विधायक घनश्याम सिंह तथा भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बीच सांठगांठ का दावा किया। भारती ने कहा कि उनका लक्ष्य दतिया की राजनीति से एक व्यक्ति के दबदबे को खत्म करना था। उन्होंने घनश्याम सिंह पर डॉ. मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज़ मामले में गवाही न देने और उनके इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। भारती ने यह भी दावा किया कि डॉ. मिश्रा के वकीलों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट से चुनाव टलवाने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को वार्ड 41 की जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने महापौर मालती राय की तस्वीर लेकर पानी से भरे गड्ढों में ‘बेशर्म’ के पौधे लगाए, जिसका उद्देश्य नगर निगम और जिला प्रशासन का ध्यान खींचना था। कांग्रेस नेताओं ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद वार्ड 41 की सड़कें खराब हैं। कांग्रेस नेता मो. शावर खान ने तीन बार भूमिपूजन के बाद भी सड़क निर्माण शुरू न होने का जिक्र करते हुए महापौर निवास पर भी प्रदर्शन की चेतावनी दी।