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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला, राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर मालवा में नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों ने कभी दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा और अब उत्तर प्रदेश से आगे वायनाड पहुंच गए हैं। डॉ. यादव ने राहुल गांधी को “पप्पू” कहते हुए उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की आलोचना की और उनसे पिछली कांग्रेस सरकारों की डकैती व नक्सलवाद रोकने में विफलता के लिए माफी मांगने को कहा। उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा डकैतों और नक्सलियों के सफाया का दावा किया और कांग्रेस पर न्यायपालिका व सेना पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।

विद्वान जनता पार्टी ने 15 वादों का एजेंडा जारी किया; पढ़े-लिखों को टिकट और भाई-भतीजावाद खत्म करने पर जोर

मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वानों ने अपने राजनीतिक संगठन ‘विद्वान जनता पार्टी’ (VJP) का एजेंडा जारी किया है। इसमें अतिथि विद्वानों, अतिथि शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित 15 प्रमुख वादे शामिल हैं। पार्टी ने पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में भागीदारी देने और भाई-भतीजावाद खत्म करने पर जोर दिया है। VJP का चुनाव चिह्न ‘सफेद कमल का फूल’ है और डॉ. आरके सिंह इसके संस्थापक हैं। पार्टी 30 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू करेगी। अतिथि विद्वानों ने सरकार को उनकी मांगों पर 3 अक्टूबर तक फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा 4 अक्टूबर से आंदोलन का अगला चरण शुरू होगा।

विजयपुर और दतिया में जीत के बाद कांग्रेस एक्शन में, 11 अगस्त को भोपाल में 2028 चुनाव रोडमैप पर मंथन

विजयपुर और दतिया उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस ने 11 अगस्त को भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वर्ष 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए विस्तृत रोडमैप और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पार्टी दतिया में सफल रहे बूथ-स्तरीय प्रबंधन को सभी 230 विधानसभा सीटों पर लागू करने पर विचार कर रही है। कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा जैसे बड़े नेता बैठक में शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आंदोलन की योजना बना रही है।

दतिया उपचुनाव परिणाम: दो दिग्गज नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्न चिन्ह

दतिया उपचुनाव के नतीजों ने कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे दिल्ली में भी राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। भाजपा के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की आगे की राजनीति और कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के निष्कासन पर चर्चाएं गर्म हैं। प्रधानमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान से फीडबैक लिया, जबकि कैलाश विजयवर्गीय और वीडी शर्मा ने अमित शाह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी दिल्ली पहुंचे। अन्य खबरों में, मध्य प्रदेश वन विकास निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

नीमच में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाने का मामला, पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण

नीमच में युवक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाकर छात्र आंदोलन में ‘अमानवीय’ कार्रवाई का विरोध जताया। भाजपा ने इसे राजनीतिक गिरावट बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह बांगरेड़ ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने इसे कांग्रेसियों का ‘घिनौना कार्य’ बताया और कहा कि जंतर मंतर पर असामाजिक तत्व घुस आए थे।

दतिया उपचुनाव में आसपा का मजबूत प्रदर्शन, 2028 में ग्वालियर-चंबल में बड़ी चुनौती का संकेत

दतिया उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी (आसपा) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने 22,527 वोट प्राप्त कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। उनके प्रदर्शन ने बसपा, कांग्रेस और भाजपा के वोटबैंक को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा 6,016 वोटों से चुनाव हार गई। यह उपचुनाव ग्वालियर-चंबल अंचल में दलित राजनीति में आसपा के संभावित उदय का संकेत देता है, जो 2028 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। 2018 के विधानसभा चुनावों में दलित वोटों के एकतरफा रुख ने इस क्षेत्र के राजनीतिक परिणामों को बदल दिया था, जिससे भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।

दतिया जीत पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी: जनता ने सरकार को सत्ता से बेदखल किया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कटनी में मीडिया से चर्चा करते हुए दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत को जनता का फैसला बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार के वादे पूरे न करने का जवाब देते हुए उसे सत्ता से बेदखल किया है। पटवारी ने दावा किया कि 50 करोड़ रुपये खर्च करने और 20 मंत्रियों की तैनाती के बावजूद जनता ने सरकार को नकार दिया और कांग्रेस संगठन पर भरोसा जताया। उन्होंने संगठन को जमीन स्तर पर मजबूत करने और जल्द ही कटनी के हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से संवाद करने की बात कही।

दतिया उपचुनाव हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता: मंत्री विजयवर्गीय

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार पर प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि संगठन हार के कारणों की समीक्षा करेगा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए चुनाव परिणामों की समीक्षा की बात कही है। विजयवर्गीय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गृहक्षेत्र में प्रशांत किशोर की जीत को ‘व्यक्ति-आधारित सीट’ का परिणाम बताया। साथ ही, मंत्री 9 जुलाई को रेवती रेंज में एक लाख पौधे लगाने का कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी.एल. संतोष भी शामिल होंगे।

मध्य प्रदेश में 9 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ

मध्य प्रदेश में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सितंबर 2026 में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, कांग्रेस इसे अपने आंदोलन का परिणाम बता रही है, जबकि एबीवीपी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के रूप में देखा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने 2016-17 के ‘गेट वेल सून’ आंदोलन का जिक्र किया, जिसके दौरान छात्र नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई बड़े नेता उभरे हैं।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

मध्य प्रदेश शासन के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने के आरोप में दायर याचिका पर जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा द्वारा दायर इस याचिका में आरोप है कि राजपूत ने चुनाव के दौरान करोड़ों की संपत्ति की जानकारी छिपाई थी, जिसके आधार पर चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पूर्व में भी इसी तरह के आरोपों पर कांग्रेस प्रत्याशी नीरज शर्मा की याचिका खारिज हो चुकी है, जिसका प्रभाव मौजूदा याचिका पर पड़ने की संभावना है।