भारत की शर्मिला धनकड़ ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की पैरा शॉटपुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता। दो साल की उम्र में पोलियो से पीड़ित रहीं शर्मिला ने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। 2012 में उनके पहले पति ने उन्हें और दो बेटियों को सड़क पर छोड़ दिया था। दूसरे पति अजीत सिंह ने उनके खेल करियर को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया। शर्मिला अब इस पदक के बाद अपना घर खरीदने की उम्मीद कर रही हैं।
मध्यप्रदेश की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ को बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में सम्मानित किया गया। उन्होंने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के ‘टेस्ट ऑनर्स बोर्ड’ पर नाम दर्ज कराने वाली देश की पहली महिला क्रिकेटर बनकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें 5 लाख रुपये की सम्मान राशि और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्रांति गौड़ के पिता नरसिंह और भाई महेंद्र सिंह का भी सम्मान किया। क्रांति गौड़ ने अपने संघर्षों और परिवार के सहयोग को साझा किया।