इंदौर सहित पूरे प्रदेश के पटवारियों ने सोमवार से अपनी लंबित पांच सूत्री मांगों पर सरकार द्वारा निर्णय न होने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। पटवारियों ने तहसीलों में बस्ते जमा कर राजस्व संबंधी कार्यों से खुद को अलग कर लिया है, जिससे राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर असर पड़ेगा। जिला पटवारी संघ ने 8 जुलाई को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था और 15 जुलाई से 2 अगस्त तक विभिन्न चरणों में विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। पटवारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा और जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करना शामिल हैं।
मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भोपाल में अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में लगभग 1500 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा और 26 अक्टूबर को दो लाख कर्मचारी भोपाल में मंत्रालय का घेराव करेंगे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
इंदौर में 26 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद, जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान हेतु एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 0731-2431117 जारी किया है। मंगलवार को छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम रोशन राय को 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, सरकारी विभागों में जल्द भर्ती, तथा छात्रवृत्ति और आवास जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। प्रशासन ने 24 घंटे में शिकायतों के निराकरण का दावा किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार से बातचीत के लिए अपनी तैयारी जताई है, बशर्ते वार्ता जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर हो। पार्टी ने प्रदर्शन समाप्त करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित तीन शर्तें रखी हैं, जिन पर कोई समझौता न करने की बात कही। सीजेपी ने अनशनकारी सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील भी की। इस बीच, सीजेपी के एक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों को अभद्रता और धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा, जिससे उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।