उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार शाम तक गुना में 85 मिलीमीटर और खंडवा में 58 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते इंदौर, भोपाल और जबलपुर समेत कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित लगभग सभी प्रमुख जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 15 अगस्त से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी वर्षा का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटों में लगभग 8 इंच बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल में रविवार रात से ही तेज बारिश जारी है। हालांकि, प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत कम है, जिसमें पूर्वी मध्यप्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में 4 और 5 अगस्त से भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, विशेषकर उत्तर और पूर्वी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में राजस्थान पर बना निम्न दाब क्षेत्र और मानसूनी द्रोणिका मौसम को प्रभावित कर रही हैं, जिससे अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। प्रदेश के 43 जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा वाले हैं, जबकि जून और जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाली बारिश से इस कमी को कुछ हद तक पूरा होने का अनुमान है।
इंदौर शहर में इस मानसून सीजन में औसत से 65.4 मिमी कम बारिश दर्ज की गई है, जून-जुलाई में 378.8 मिमी वर्षा हुई जबकि सामान्य 444.2 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगस्त में मध्य भारत सहित पश्चिम मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है, जिससे इंदौर में भी कमी की भरपाई होने की उम्मीद है। इंदौर जिले में हालांकि जून-जुलाई में औसत से चार मिमी अधिक 425.2 मिमी बारिश हुई है। शहर में शुक्रवार को रुक-रुक कर बारिश हुई, जिसमें एयरपोर्ट क्षेत्र में 4.5 मिमी और रीगल क्षेत्र में 15 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
जबलपुर में मानसून के पुनः सक्रिय होने से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने गहरे अवदाब के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक जिले एवं संभाग में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। बुधवार को हल्की बारिश दर्ज हुई, जिससे कुछ इलाकों में जलभराव भी देखा गया। इस मानसून सीजन में अब तक 310 मिमी वर्षा हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 711.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। मौसम विभाग ने आगामी 30 और 31 जुलाई के लिए जबलपुर, कटनी और मंडला का तापमान पूर्वानुमान भी जारी किया है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना हवा का दबाव गहरा अवदाब बनकर 27 जुलाई दोपहर तक ओडिशा-बंगाल तट से टकराएगा, जिससे मध्यप्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। रीवा, सतना, जबलपुर सहित 18 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और मध्य हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। वर्षा के बावजूद, दिन के तापमान में 1-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उमस बढ़ी है।
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश का वितरण असमान है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 8 जिलों – सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल – में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जहां 4 इंच या उससे अधिक वर्षा हो सकती है। राज्य में अब तक सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज हुई है, जिसमें पूर्वी मध्य प्रदेश में 20% और पश्चिमी हिस्से में 15% की कमी है। केवल आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जिसमें देवास 29% अधिक वर्षा के साथ सबसे आगे है। 28 से 30 जुलाई के बीच मानसून के फिर से तीव्र होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में मानसून पूरे रंग में है, जहां तीन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पिछले 60 घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में ऑरेंज अलर्ट शामिल है। लगातार बारिश से राज्य में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत रह गई है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। देवास में सर्वाधिक 18.5 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम ढाई इंच बारिश हुई है। जुलाई के शेष दिनों में मजबूत मौसम प्रणालियों से घाटा पूरा होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, पिछले 36 घंटों से 35 से अधिक जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बुधवार को शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी समेत 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में भी अच्छी बारिश की संभावना है। राज्य में वर्षा का अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश है। देवास में सर्वाधिक और आलीराजपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज हुई है।