मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को तैयार है। सरकार ने विपक्ष द्वारा गतिरोध तोड़ने की शर्त पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार चर्चा के बाद परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी करना है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला बताते हैं, जबकि सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को घोषणा की कि वह कल दोपहर तीन बजे तक विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देंगे। विपक्ष दिल्ली में पुलिस की कथित ज्यादती और अन्य मुद्दों पर उनसे जवाब मांग रहा है। शाह ने कहा कि सरकार नीट परीक्षाओं के विरोध सहित किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने नीट परीक्षा पर चर्चा के लिए सहमति जताई।
संसद का मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के टकराव के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सत्र की 15 बैठकों में दोनों सदनों की कार्यवाही कुल 88 बार स्थगित हुई, जिसमें राज्यसभा 46 और लोकसभा 42 बार शामिल है। प्रतिदिन औसतन 7-8 घंटे के बजाय केवल एक घंटा काम हो सका। लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं हो पाए। हालांकि 10 विधेयक पारित हुए, विपक्ष के स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हुई। नीट पेपर लीक पर 20 घंटे चर्चा के बावजूद आरोप-प्रत्यारोप हावी रहे, जिससे संसदीय कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।
लोकसभा ने कराधान और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है, जो भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन करता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कार्य मंत्रणा समिति की अठारहवीं रिपोर्ट पर सहमति का प्रस्ताव रखा, जबकि सांसद पुरंदेश्वरी ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया। इस बीच, दिल्ली में भारी बारिश के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा संसद परिसर में अपनी कार का इंतजार करते देखे गए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक संसद भवन में हुई। इस बैठक में संसद के मौजूदा मानसून सत्र के लिए रणनीति बनाई गई। विपक्ष ने सरकार को विभिन्न अहम मुद्दों पर घेरने और सदन में अपनी भूमिका तय करने पर चर्चा की। गठबंधन के प्रमुख दलों के नेताओं ने साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई, जिसमें जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा को 6 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच, बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 लोकसभा में बिना चर्चा के पारित हो गया। इंडिया गुट के सांसदों ने राज्यसभा से वॉक आउट किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात कर गतिरोध समाप्त करने और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की। डिंपल यादव और पप्पू यादव ने भी विभिन्न मुद्दों पर बयान दिए।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ संपन्न हो गई है। यह बैठक संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की सदन की रणनीति तय करना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई केंद्रीय मंत्री और सांसद इसमें उपस्थित रहे। इस बैठक में एनसीपीआई के सांसदों ने भी भाग लिया, जिन्होंने बैठक को व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक बताया।
संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार सोमवार को चार अहम विधेयक, जिनमें सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या, एमएसएमई, आईएसआई और बैंकर बही साक्ष्य संशोधन विधेयक शामिल हैं, पेश करने की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दल राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं। संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सभी प्रमुख विधायी कार्य पूरे करने पर कायम है।
मानसून सत्र के 10वें दिन संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 3 अगस्त 2026 तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने अयोध्या में “दिनदहाड़े लूट” का आरोप लगाया। टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही। तृणमूल कांग्रेस, माकपा और जेएमएम सांसदों ने विधेयक की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए और जवाबदेही तथा पारदर्शिता की मांग की। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर विरोध जताया। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और निजी हित साधने का आरोप लगाया।