हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को संबंधित रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की गई है। लाॅ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे, जिसमें 695 में से 156 कॉलेज सूटेबल पाए गए थे। बाद में 89 और कॉलेज कमियां दूर कर सूटेबल श्रेणी में आए।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने पटवारी भर्ती से जुड़े एक मामले में राज्य सरकार को राहत दी है। खंडपीठ ने सिंगल बेंच के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें एक अभ्यर्थी को पटवारी पद पर नियुक्ति देने के निर्देश थे। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल डिप्लोमा जारी होने से पात्रता सिद्ध नहीं होती, बल्कि संबंधित संस्थान और पाठ्यक्रम की नियमानुसार मान्यता भी साबित करनी होगी। राज्य सरकार ने शेर सिंह रावत की नियुक्ति के आदेश को चुनौती दी थी, क्योंकि उनका डिप्लोमा एक गैर-मान्यता प्राप्त डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर से था।
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश के निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए नियमों के तहत, फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर मान्यता प्राप्त करने वाले स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था वाले स्कूलों को दो पालियों में संचालित करने की अनुमति मिलेगी। विज्ञान प्रयोगशालाओं को लेकर भी नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।