भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। 15 सितंबर तक ऐसे 1 लाख मकानों की पहचान की जाएगी, जहां आवासीय परिसर में कारोबार हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय द्वारा दुकान संचालकों को दी गई सभी अंतरिम राहत रद्द कर दी है और राज्य सरकार को कानून का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने मॉल, चाय बार और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से हो रही परेशानी बताई है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने मौलिक अधिकारों के हनन का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।