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2026-08-17

अरविंद लिमिटेड मध्यप्रदेश में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को गुजरात के अहमदाबाद प्रवास के दौरान अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलीन लालभाई से चर्चा की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि गुजरात और मध्यप्रदेश के संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए अरविंद समूह द्वारा मध्यप्रदेश में अपनी इकाई स्थापित की जा रही है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप पीएम मित्र पार्क में अगले वर्ष तक उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

अरविंद समूह द्वारा देवास के निकट बरलाई, धार स्थित पीएम मित्र पार्क और इंदौर के बेटमा सहित तीन स्थानों पर अपनी इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। कंपनी इन स्थानों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को लाभ मिलेगा।

राज्यों के संबंधों में प्रगाढ़ता और आर्थिक लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच सहयोग से दोनों राज्यों के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। औद्योगिक निवेश से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और उद्योगों से प्राप्त कर राजस्व से राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए अरविंद समूह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

चर्चा के मुख्य बिंदु और उपस्थित अधिकारी

इस चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश में कंपनी के प्रस्तावित निवेश, पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना, रोजगार सृजन, वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग तथा सिंहस्थ-2028 के लिए आधुनिक संचार व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, उद्योग नीरज मंडलोई, सचिव, उद्योग जॉन किंसले तथा एमडी, एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित थे।

पीएम मित्र पार्क में निवेश का विवरण

अरविंद लिमिटेड द्वारा पीएम मित्र पार्क में लगभग 1200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके लिए कंपनी को 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

इंदौर में संचालित पेपकोन प्राइवेट लिमिटेड के साथ कंपनी के अनुबंध के तहत प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख परिधानों का निर्माण किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना और निवेश प्रक्रिया को गति देने पर चर्चा की।

सीसीआईपी के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा शासन स्तर पर प्रस्ताव के त्वरित परीक्षण एवं अनुमोदन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श हुआ।

उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन

वस्त्र एवं परिधान उद्योगों के लिए उपलब्ध निवेश प्रोत्साहनों की जानकारी भी दी गई। इनमें पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन तथा अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं के लिए सहायता सहित अन्य प्रावधान शामिल हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा

औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) समाधान की संभावनाओं पर भी विचार हुआ।

मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे 90 से अधिक औद्योगिक पार्कों में टेक्सटाइल, फार्मा एवं अन्य औद्योगिक क्लस्टरों में कॉमन जेडएलडी प्रणालियों की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की गई। औद्योगिक पार्कों को निकटवर्ती नगर निगमों के एसटीपी से जोड़कर ‘सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी’ मॉडल विकसित करने के सुझाव पर भी विचार हुआ।

सिंहस्थ-2028 में आधुनिक संचार व्यवस्था

सिंहस्थ-2028 में मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

अरविंद लिमिटेड एवं जेएम बक्सी समूह के संयुक्त उद्यम आर्य ऑम्निटॉक सॉल्यूशंस द्वारा मिशन-क्रिटिकल वायरलेस कम्युनिकेशन, वॉकी-टॉकी नेटवर्क, पीएमआरटी तथा सार्वजनिक सुरक्षा संचार समाधान उपलब्ध कराए जाते हैं।

सिंहस्थ-2028 में पुलिस, सुरक्षा बल, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयोजन प्रबंधन के लिए इस प्रकार के मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुलीन लालभाई को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में सहभागिता के लिए भी आमंत्रित किया।

अरविंद लिमिटेड का परिचय

अरविंद लिमिटेड देश के प्रमुख टेक्सटाइल समूहों में शामिल है। वर्ष 1931 में स्थापित कंपनी का मुख्यालय अहमदाबाद में है।

कंपनी डेनिम, परिधान, फैब्रिक्स एवं टेक्सटाइल वैल्यू चेन के क्षेत्र में कार्यरत है। समूह की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में 60 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त है तथा कंपनी एक लाख से अधिक कपास कृषकों से कच्चे माल की खरीद करती है।