बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल के मोती मस्जिद के ठीक सामने महीनों से लगे बैरिकेड्स बुधवार को पुलिस ने हटा दिए। फिलहाल इन मार्गों से केवल टू-व्हीलर ही गुजर सकेंगे। कारों या अन्य बड़े वाहनों के लिए बैरिकेड्स अभी भी हटाए नहीं गए हैं।
इधर, व्यापारियों ने इन बैरिकेड्स को पूरी तरह से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में हटाए गए बैरिकेड्स से उन्हें कोई विशेष फायदा नहीं मिलेगा।
बैरिकेड्स हटाने की मांग को लेकर 7 अगस्त को बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के साथ ही दोपहर तक बाजार भी बंद रखे गए थे। प्रदर्शन के अगले दिन सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक के बाद ही बुधवार को पुलिस ने कुछ बैरिकेड्स हटाए।
व्यापारी संघ के अध्यक्ष अभिषेक जैन ने बताया कि उन्होंने पुलिस से सभी बैरिकेड्स हटाने की मांग की थी, लेकिन केवल मोटरसाइकिल सवारों या पैदल चलने वालों के लिए ही बैरिकेड्स हटाए गए हैं।
जैन ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में बाजार में न तो कोई दमकल पहुंच पाएगी और न ही कारें आ सकेंगी, जिससे व्यापारियों को पहले जैसी ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पुलिस से सभी बैरिकेड्स को पूरी तरह से हटाने का आग्रह किया, ताकि सभी को लाभ मिल सके।
भोपाल व्यवासायी महासंघ, श्री सराफा एसोसिएशन, फेडरशन ऑफ राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ, ओल्ड भोपाल होलसेल रेडीमेड संघ, आजाद मार्केट व्यावसायी संघ, नदीम रोड व्यापारी संघ और इब्राहिमपुरा व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने भी चौराहे से बैरिकेड्स को पूरी तरह से हटाने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि मोती मस्जिद के सामने इकबाल मैदान चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई है। इस बैरिकेडिंग के कारण भोज सेतु की तरफ से आने वाले वाहनों को सदर मंजिल और चिरायु हॉस्पिटल होते हुए लखेरापुरा, चौक बाजार, सराफा, जुमेराती, बुधवारा, इब्राहिमगंज सहित अन्य बाजारों की ओर जाना पड़ता है। इससे उनकी परेशानी काफी बढ़ जाती है, जबकि पहले वे सीधे इन बाजारों में प्रवेश कर सकते थे।
इन्हीं बैरिकेडिंग के कारण 1 अगस्त को एक दमकल समय पर चौक बाजार नहीं पहुंच पाई थी, जिससे वहां स्थित 100 साल पुरानी एक कपड़े की दुकान में लगी आग को बुझाने में अधिक समय लग गया। इसी घटना के दिन से व्यापारियों में पुलिस के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही थी।

