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बालाघाट: खैरलांजी के जंगल में बाघ के हमले से किसान की मौत, दो मवेशी भी शिकार बने

बालाघाट जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र के पांढरवानी गांव में बाघ के हमले से 50 वर्षीय किसान देवकराम बाघमारे की मौत हो गई। रविवार दोपहर मवेशी चराने जंगल गए देवकराम का शव सोमवार सुबह खून से लथपथ अवस्था में एक मृत गाय और बछड़े के पास मिला। घटनास्थल पर बाघ के पंजों के निशान मिले हैं, जिससे हमले की पुष्टि हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग की है।

मध्य प्रदेश में बाघ-मानव संघर्ष बढ़ा, जनवरी से अब तक 50 ग्रामीण और 45 से अधिक बाघों की मौत

मध्य प्रदेश में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष चिंता का विषय बन गया है। इस वर्ष जनवरी से अब तक 50 ग्रामीणों की मौत वन्यजीवों के हमलों में हुई है, जबकि 2026 के शुरुआती 8 महीनों में 45 से अधिक बाघ भी मारे गए हैं। ग्रामीण महुआ, जलाऊ लकड़ी और तेंदू पत्ता बीनने जैसे कार्यों के लिए जंगल में जाते हैं, जिससे वन्यजीवों से आमना-सामना का खतरा बढ़ता है। सरकार ने पांच साल में मुआवजे के तौर पर 88.38 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है, जिसमें 2024-25 में 20.05 करोड़ रुपये से अधिक शामिल हैं। प्रदेश में बाघों की संख्या 980 होने का अनुमान है, जबकि 2022 की गणना में यह 785 थी।

सागर कोर्ट का फैसला: सड़क दुर्घटना में मृत महिला के परिवार को बीमा कंपनी देगी 51.42 लाख रुपये

जिला नवम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सागर के न्यायाधीश राजेश सिंह ने सड़क दुर्घटना में मृत सुमतरानी अहिरवार के परिवार को 51 लाख 42 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह राशि बीमा कंपनी को मृतिका के पति और बच्चों को प्रदान करने का निर्देश दिया। घटना 9 नवंबर 2024 को हुई थी, जब 55 वर्षीय सुमतरानी अहिरवार को एक मालवाहक वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। न्यायालय ने महिला की आय को परिवार की कुल आय का एक चौथाई मानते हुए यह फैसला सुनाया।

मंदसौर में खरीफ 2025 फसल बीमा राशि को लेकर किसानों में असंतोष

मंदसौर जिले में खरीफ सीजन 2025 के फसल बीमा मुआवजे को लेकर किसानों में गहरा असंतोष है। अविवृष्टि और बीमारी से फसलों को नुकसान होने के बावजूद किसानों को उचित बीमा राशि नहीं मिली है, जिससे मल्हारगढ़ और भानपुरा सहित कई क्षेत्रों में प्रदर्शन हुए। किसानों ने मुआवजे में विसंगति का आरोप लगाया, जहां कुछ को हजारों रुपए मिले तो कुछ को नाममात्र की राशि। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1.38 लाख से अधिक किसानों को 22.66 करोड़ रुपये का क्लेम मिला, लेकिन किसानों का दावा है कि सोयाबीन में शत-प्रतिशत नुकसान हुआ था।

इंदौर गैस ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने नगर निगम और शासन को ठहराया समान रूप से जिम्मेदार, एसडीएम ने झूठे शपथ पत्र पर मांगी माफी

इंदौर के सुमन नगर में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम और शासन को घायलों के उपचार के खर्च के लिए समान रूप से जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष बराबरी से खर्च वहन करेंगे। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एसडीएम जगदीश धनगर ने झूठे शपथ पत्र के लिए माफी मांगी। उन्होंने बताया कि टाइपिंग की गलती से अहमदाबाद अस्पताल के भुगतान की गलत जानकारी दी गई थी। धनगर ने सात दिन में भुगतान और एक सप्ताह में घायलों को जमा राशि वापस दिलवाने का आश्वासन दिया। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

किसान अधिकारों की लड़ाई के लिए अनुमति नहीं, संगठित होकर बात रखें: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पेटलावद का दौरा किया और किसानों को संगठित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी पंचायतों के लिए प्रशासन से अनुमति न लें, बल्कि केवल सूचना दें, क्योंकि अनुमति मांगने से कार्यक्रम निरस्त हो सकते हैं। टिकैत ने झाबुआ-पेटलावद को संघर्षों की भूमि बताते हुए किसानों से एकजुट होकर समस्याओं का समाधान करने का आह्वान किया। उन्होंने किसान दिवस पर संबंधित अधिकारियों से सीधे संवाद करने और फोरलेन प्रभावित किसानों को उचित मुआवजे की मांग की।

बुरहानपुर के 8115 किसानों को ₹107.72 करोड़ की राहत राशि अंतरित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में 8115 किसानों के खातों में ₹107 करोड़ 72 लाख 59 हजार की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। यह राशि मई-जून में बेमौसम वर्षा और तेज हवा से बर्बाद हुई केला फसल के मुआवजे के तौर पर दी गई है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और उद्यानिकी फसलों से आय बढ़ाने का भी आह्वान किया।

जबलपुर हाईकोर्ट का सरकार को निर्देश: जंगली जानवरों से फसल क्षतिपूर्ति नीति 4 हफ्ते में बनाएं

मध्य प्रदेश में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर फसल क्षतिपूर्ति मुआवजे के लिए एक औपचारिक गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया है, यह कहते हुए कि आर्थिक बोझ केवल किसानों पर नहीं डाला जा सकता। यह मामला 2018 से लंबित एक जनहित याचिका से जुड़ा है। अदालत ने छत्तीसगढ़ के ‘हाथी मित्र’ ऐप और तमिलनाडु के ‘अलर्ट सिस्टम’ जैसे सफल मॉडलों का अध्ययन करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की फसल और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहें। इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट ने भोपाल मेट्रो मुआवजे पर सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।

उज्जैन में जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन निर्माण मुआवजा विवाद के कारण रुका

उज्जैन में सिंहस्थ के लिए बन रहे जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन मार्ग का निर्माण मुआवजा विवाद के कारण रुका हुआ है। किसान आपसी क्रय नीति-2014 में भू-अर्जन अधिनियम के समान चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि उन्हें केवल दो गुना मुआवजा मिल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने राज्य सरकार से नीति में बदलाव का आग्रह किया है ताकि मुआवजे में समानता आए और 17 करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण परियोजना फिर से शुरू हो सके। 2 किलोमीटर लंबी यह फोरलेन सिंहस्थ यातायात के लिए अहम है और 84 किसानों की जमीन प्रभावित कर रही है।

डकैती में घायल द्रविता सिंह को आठ साल बाद 4.20 लाख रुपये मुआवजा

मुंबई की द्रविता सिंह को आठ साल पहले हुए एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में अपनी चार उंगलियां गंवाने के बाद अब रेलवे दावा अधिकरण से 4.20 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। 7 फरवरी 2018 को एक लुटेरे के हमले के कारण वे चलती ट्रेन से गिरकर दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गई थीं। अधिकरण ने रेलवे के तर्कों को खारिज करते हुए इसे ‘अप्रत्याशित घटना’ माना और 9% वार्षिक ब्याज सहित मुआवजे का आदेश दिया। हालांकि, इस मामले में दर्ज आपराधिक केस की सुनवाई सत्र न्यायालय में अभी भी लंबित है। द्रविता ने हादसे के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई व करियर जारी रखा।