इंदौर में भिक्षावृत्ति पर पुनः प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसमें भिखारियों को पैसे या सामान देना या उनसे कुछ खरीदना प्रतिबंधित है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। भिक्षावृत्ति की सूचना देने पर, यदि सत्यापन सही पाया जाता है, तो सूचनाकर्ता को एक हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं, सांवेर के फरसपुर गांव में विद्युत दुर्घटना में मृत हारवेस्टर चालक गुरजंत सिंह के परिवार को मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान छह माह से मुआवजे की राशि का इंतजार कर रहे हैं। ग्राम जमूड़ी सरवर सहित कई गांवों के किसानों के मुआवजा प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन राशि उनके खातों में नहीं पहुंची है। मुआवजा न मिलने से किसानों को खरीदी गई नई जमीन का बयाना डूबने का संकट और ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने प्रकरणों के सत्यापन और कोष से राशि जारी होने की प्रक्रिया जारी होने की बात कहते हुए जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है। यह सड़क 48 किमी लंबी है और 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।
बालाघाट जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र के पांढरवानी गांव में बाघ के हमले से 50 वर्षीय किसान देवकराम बाघमारे की मौत हो गई। रविवार दोपहर मवेशी चराने जंगल गए देवकराम का शव सोमवार सुबह खून से लथपथ अवस्था में एक मृत गाय और बछड़े के पास मिला। घटनास्थल पर बाघ के पंजों के निशान मिले हैं, जिससे हमले की पुष्टि हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग की है।
मध्य प्रदेश में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष चिंता का विषय बन गया है। इस वर्ष जनवरी से अब तक 50 ग्रामीणों की मौत वन्यजीवों के हमलों में हुई है, जबकि 2026 के शुरुआती 8 महीनों में 45 से अधिक बाघ भी मारे गए हैं। ग्रामीण महुआ, जलाऊ लकड़ी और तेंदू पत्ता बीनने जैसे कार्यों के लिए जंगल में जाते हैं, जिससे वन्यजीवों से आमना-सामना का खतरा बढ़ता है। सरकार ने पांच साल में मुआवजे के तौर पर 88.38 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है, जिसमें 2024-25 में 20.05 करोड़ रुपये से अधिक शामिल हैं। प्रदेश में बाघों की संख्या 980 होने का अनुमान है, जबकि 2022 की गणना में यह 785 थी।
जिला नवम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सागर के न्यायाधीश राजेश सिंह ने सड़क दुर्घटना में मृत सुमतरानी अहिरवार के परिवार को 51 लाख 42 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह राशि बीमा कंपनी को मृतिका के पति और बच्चों को प्रदान करने का निर्देश दिया। घटना 9 नवंबर 2024 को हुई थी, जब 55 वर्षीय सुमतरानी अहिरवार को एक मालवाहक वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। न्यायालय ने महिला की आय को परिवार की कुल आय का एक चौथाई मानते हुए यह फैसला सुनाया।
मंदसौर जिले में खरीफ सीजन 2025 के फसल बीमा मुआवजे को लेकर किसानों में गहरा असंतोष है। अविवृष्टि और बीमारी से फसलों को नुकसान होने के बावजूद किसानों को उचित बीमा राशि नहीं मिली है, जिससे मल्हारगढ़ और भानपुरा सहित कई क्षेत्रों में प्रदर्शन हुए। किसानों ने मुआवजे में विसंगति का आरोप लगाया, जहां कुछ को हजारों रुपए मिले तो कुछ को नाममात्र की राशि। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1.38 लाख से अधिक किसानों को 22.66 करोड़ रुपये का क्लेम मिला, लेकिन किसानों का दावा है कि सोयाबीन में शत-प्रतिशत नुकसान हुआ था।
इंदौर के सुमन नगर में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम और शासन को घायलों के उपचार के खर्च के लिए समान रूप से जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष बराबरी से खर्च वहन करेंगे। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एसडीएम जगदीश धनगर ने झूठे शपथ पत्र के लिए माफी मांगी। उन्होंने बताया कि टाइपिंग की गलती से अहमदाबाद अस्पताल के भुगतान की गलत जानकारी दी गई थी। धनगर ने सात दिन में भुगतान और एक सप्ताह में घायलों को जमा राशि वापस दिलवाने का आश्वासन दिया। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पेटलावद का दौरा किया और किसानों को संगठित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी पंचायतों के लिए प्रशासन से अनुमति न लें, बल्कि केवल सूचना दें, क्योंकि अनुमति मांगने से कार्यक्रम निरस्त हो सकते हैं। टिकैत ने झाबुआ-पेटलावद को संघर्षों की भूमि बताते हुए किसानों से एकजुट होकर समस्याओं का समाधान करने का आह्वान किया। उन्होंने किसान दिवस पर संबंधित अधिकारियों से सीधे संवाद करने और फोरलेन प्रभावित किसानों को उचित मुआवजे की मांग की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में 8115 किसानों के खातों में ₹107 करोड़ 72 लाख 59 हजार की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। यह राशि मई-जून में बेमौसम वर्षा और तेज हवा से बर्बाद हुई केला फसल के मुआवजे के तौर पर दी गई है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और उद्यानिकी फसलों से आय बढ़ाने का भी आह्वान किया।
मध्य प्रदेश में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर फसल क्षतिपूर्ति मुआवजे के लिए एक औपचारिक गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया है, यह कहते हुए कि आर्थिक बोझ केवल किसानों पर नहीं डाला जा सकता। यह मामला 2018 से लंबित एक जनहित याचिका से जुड़ा है। अदालत ने छत्तीसगढ़ के ‘हाथी मित्र’ ऐप और तमिलनाडु के ‘अलर्ट सिस्टम’ जैसे सफल मॉडलों का अध्ययन करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की फसल और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहें। इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट ने भोपाल मेट्रो मुआवजे पर सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।