मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के साथ ‘कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस’ की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक 15 अगस्त के बाद आयोजित होगी, जिसमें पहले केवल मुख्य सचिव को ही अध्यक्षता करनी थी। मुख्यमंत्री की उपस्थिति के कारण कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। कॉन्फ्रेंस में 71 बिंदुओं के लंबे एजेंडे की बजाय ‘पिन-पॉइंटेड’ मुद्दों पर निश्चित समय में समीक्षा की जाएगी। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट मांगी है, जिसमें कानून व्यवस्था, जन-विश्वास अभियान, प्रशासनिक रैंकिंग, विभिन्न आर्थिक योजनाएं और राजस्व समीक्षा जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं।
पूर्व मुख्य सचिव एबी सिंह की बहू अंजली सिंह (उज्मा राजा) ने भोपाल के आम्रपाली एन्क्लेव में पार्क विकास और शिव मंदिर निर्माण विवाद पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने अपने खिलाफ भ्रामक बयानबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक निजी और कॉलोनी से जुड़ा छोटा-सा मामला था, जिसे निजी स्वार्थ के लिए बढ़ाया जा रहा है। अंजली सिंह ने दावा किया कि उन्होंने 30 साल पहले स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया था और तब से इसका पूरी निष्ठा से पालन कर रही हैं। इस विवाद से जुड़ा एक वायरल वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन पर अभद्रता और मंदिर पर टिप्पणी करने का आरोप है।
मध्य प्रदेश में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मुख्य सचिव अनुराग जैन के नीति आयोग के सीईओ बनने के बाद हुई है। बर्णवाल से वरिष्ठ 1990 बैच के आईएएस डॉ. राजेश कुमार राजौरा और 1991 बैच के मनोज गोविल को पीछे छोड़ते हुए राज्य सरकार ने उन पर भरोसा जताया। बर्णवाल को शांत, निर्विवाद और मेहनती अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जिनके पास विभिन्न विभागों का व्यापक प्रशासनिक अनुभव है और वे पूर्व मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं।
आईएएस अशोक बर्णवाल को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे 1991 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा हैं। वहीं, 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया है। जैन इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव थे और उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार मिला था। बर्णवाल अपनी बेदाग छवि और अनुभवी कार्यकाल के लिए जाने जाते हैं, जबकि जैन ने जनधन योजना सहित कई महत्वपूर्ण केंद्रीय पदों पर कार्य किया है।