भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के दंत रोग विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मुख कैंसर स्क्रीनिंग डिवाइस और मोबाइल ऐप विकसित किया है। भारत सरकार ने इस तकनीक को पेटेंट दिया है, जो मध्य प्रदेश में अपनी तरह की पहली है। इसका उद्देश्य मुख कैंसर की शुरुआती पहचान करना है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में, जहां आशा कार्यकर्ता जैसे स्वास्थ्यकर्मी इस तकनीक का उपयोग कर सकेंगे। यह भारत में प्रतिवर्ष सामने आने वाले लगभग 1.5 लाख नए मुख कैंसर मरीजों की समस्या का समाधान करने में सहायक होगी, क्योंकि अधिकतर मरीज बीमारी बढ़ने के बाद ही अस्पताल पहुँचते हैं।