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भोपाल में किसान आंदोलन के कारण कई निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित

भोपाल में 29 जुलाई 2026 को किसान आंदोलन के कारण कई निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। प्रशासन ने यातायात व्यवधान की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया। अभिभावकों को सुबह 5 बजे से संदेश भेजे गए, हालांकि कुछ बच्चों को स्कूल से लौटना पड़ा। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को मूंग की खरीद और खाद वितरण में सुधार की मांग को लेकर दो हजार किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद नर्मदापुरम रोड सहित कई मार्गों पर भीषण जाम लग गया। हरदा में भी किसानों को भोपाल कूच करने से पहले नजरबंद किया गया।

भोपाल में किसान आंदोलन से 6 घंटे यातायात बाधित: बैरिकेड्स टूटे, 150 कॉलोनियां प्रभावित

भोपाल में मंगलवार को मूंग की सरकारी खरीद और खाद वितरण में सुधार की मांग को लेकर करीब दो हजार किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा उन्हें आरआरएल तिराहा पर रोके जाने के बाद शहर में छह घंटे तक भीषण यातायात जाम रहा। दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक होशंगाबाद रोड सहित प्रमुख मार्गों पर लोग फंसे रहे, जिससे लगभग 150 कॉलोनियों के रहवासी प्रभावित हुए। पुलिस की पूर्व जानकारी के बावजूद बैरिकेड्स टूट गए और आनन-फानन में किए गए डायवर्जन से मुसीबतें और बढ़ गईं, जिससे कटारा हिल्स रोड पर पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। नागरिकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया, मध्य प्रदेश को मूंग उपार्जन का सर्वाधिक 87% कोटा मिला

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश सरकार की ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन कोटा बढ़ाने की मांग पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में बताया कि मध्य प्रदेश को मूल्य समर्थन योजना में 4,54,580 टन मूंग खरीद की स्वीकृति दी गई है, जो विभिन्न राज्यों को स्वीकृत कुल मात्रा का सर्वाधिक 87 प्रतिशत है। यह देश में किसी भी राज्य को मिली सबसे अधिक स्वीकृति है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार खरीद का लक्ष्य नहीं देती और प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत 25 प्रतिशत की सीमा में ही स्वीकृति दी जाती है।

मध्य प्रदेश को मूंग खरीद का 87% राष्ट्रीय कोटा मंजूर, अब तक केवल 2% खरीद

मध्य प्रदेश में मूंग खरीद सीमा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच मतभेद सामने आया है। केंद्र सरकार ने ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग खरीद की मंजूरी दी है, जो राष्ट्रीय कोटे का लगभग 87% है और अब तक की सबसे बड़ी मंजूरी है। हालांकि, 16 जुलाई 2026 तक राज्य में केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हुई है, जो स्वीकृत मात्रा का लगभग 2% है। केंद्र ने राज्य से पहले मौजूदा स्वीकृत मात्रा को तेजी से पूरा करने का आग्रह किया है, ताकि किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सके, और उसके बाद ही अतिरिक्त खरीद प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।