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मध्य प्रदेश में मूंग उपार्जन स्लॉट बुकिंग 10 अगस्त तक बढ़ी, उड़द पर ₹600 प्रोत्साहन

मध्य प्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथियां बढ़ा दी हैं। अब किसान 10 अगस्त तक मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे, जबकि मूंग और उड़द का उपार्जन 20 अगस्त तक चलेगा। कृषि विभाग द्वारा लागू की गई इस संशोधित व्यवस्था के तहत, किसानों को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर सहित अपना पूरा ब्योरा दर्ज करना होगा। मूंग का उपार्जन कृषकों के उत्पादन का 60 प्रतिशत तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समर्थन मूल्य पर उड़द बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक मदद और उपार्जन में देरी से राहत मिलेगी।

मध्य प्रदेश में खाद वितरण के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू, मूंग-उड़द खरीद की अंतिम तिथि बढ़ी

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य में 30 जुलाई से खाद वितरण को सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत विक्रेताओं को किसानों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खाद की मात्रा का विवरण रजिस्टर में दर्ज कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। साथ ही, ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और खरीद की अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। विपणन वर्ष 2026-27 की नीति में संशोधन कर मूंग का अधिकतम 60% और उड़द का 25% तक ही उपार्जन किया जाएगा।

सरकारी खरीदी दायरा बढ़ने के बाद भोपाल मंडी में मूंग की आवक 85% घटी, अधिकतम भाव 8% तक बढ़े

राज्य सरकार द्वारा मूंग खरीदी का दायरा 25% से बढ़ाकर 60% किए जाने के बाद भोपाल की करोंद मंडी में मूंग की आवक में 85% की भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को यह 25 क्विंटल रही, जो बुधवार को 167 क्विंटल थी। आवक घटने से मूंग के अधिकतम भाव में 8% और न्यूनतम भाव में 7% तक की वृद्धि हुई। किसान बढ़ी हुई सरकारी खरीदी का लाभ लेने के लिए फसल रोक रहे हैं। व्यापारियों ने खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ने की आशंका जताई है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश की मंडियों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ने के लिए राज्य स्तरीय मंजूरी समिति का गठन किया गया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग खरीद सीमा 25 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत की

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के आंदोलन और राजनीतिक दबाव के चलते ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। हजारों किसानों ने इस मांग को लेकर मंगलवार और बुधवार को राजधानी भोपाल में धरना दिया था, जो बुधवार रात समाप्त हुआ। सरकार का उद्देश्य किसानों की एमएसपी निर्भरता कम करना था, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाया। सरकार के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद घाटे का सौदा है, और गुणवत्ता संबंधी सवाल भी उठते रहे हैं। अब उड़द की खेती को बढ़ावा देने के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।

किसानों का भोपाल कूच: पुलिस बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े हजारों प्रदर्शनकारी

मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को हजारों किसानों ने राजधानी भोपाल की ओर ‘किसान क्रांति रैली’ निकाली। नर्मदापुरम से भोपाल तक पुलिस द्वारा लगाए गए 15 बैरिकेड्स को तोड़ते हुए किसान आगे बढ़े, जिसके बाद कई स्थानों पर पुलिस से झड़प हुई। अंततः उन्हें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पास और फिर वीर सावरकर ब्रिज से पहले रोका गया। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने प्रतिनिधियों से चर्चा की, लेकिन किसान खाली हाथ लौटने को तैयार नहीं हुए। उच्च न्यायालय ने ई-टोकन प्रणाली को सही ठहराया, जबकि किसान इसके विरोध में हैं। कृषि मंत्री ने केंद्र से मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है।

कृषि मंत्री कंषाना ने केंद्र से मूंग उपार्जन लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मूंग खरीदी सहित किसानों की विभिन्न मांगों पर चल रहे आंदोलन के बीच किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने किसानों को उनकी जायज मांगों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का आश्वासन दिया और शीघ्र सकारात्मक समाधान का भरोसा दिलाया। बैठक के बाद मंत्री कंषाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन का लक्ष्य 8.06 लाख मेट्रिक टन (कुल उत्पादन का 40%) करने का अनुरोध किया है, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकतम लाभ मिल सके।

भोपाल में हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया, पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी

भोपाल में किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चार लेयर बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद आरएलएल तिराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। लगभग 100 किसान बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए। किसान मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम में सुधार और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: मूंग उपार्जन 60% होगा, ई-टोकन व्यवस्था स्थगित

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की मांग पर ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी। उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त और खरीदी की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी। तब तक पुरानी वितरण व्यवस्था जारी रहेगी।

किसान आंदोलन समाप्त: सरकार ने मूंग खरीदी दायरा बढ़ाया, ई-टोकन व्यवस्था स्थगित

किसानों के दो दिवसीय आंदोलन के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग खरीदी का दायरा 25% से बढ़ाकर 60% कर दिया और खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी। मुख्यमंत्री निवास से महज एक किलोमीटर दूर तक पहुंचे किसानों ने 22 बैरिकेड तोड़े थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गठित मंत्रियों की समिति ने किसान नेताओं से दो घंटे चर्चा की, जिसके बाद देर रात आंदोलन समाप्त हो गया। हालांकि, किसानों की 100% मूंग खरीदी की मूल मांग अभी पूरी नहीं हुई है।

सरकार को 3 साल में ₹3346 करोड़ का नुकसान, मूंग खरीदी को लेकर किसान आक्रोशित

मध्य प्रदेश में मूंग उत्पादक किसान सरकारी खरीदी न होने से नाराज होकर आंदोलित हैं, राजधानी भोपाल में सीएम हाउस तक प्रदर्शन कर रहे हैं। एमपी सरकार ने 60 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग मान ली है। केंद्र से मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने के राज्य सरकार के अनुरोध के बावजूद, केंद्र ने कम खरीदी पर सवाल उठाया है। पिछले तीन वर्षों में लक्ष्य से अधिक मूंग खरीदी के कारण सरकार को ₹3346 करोड़ का अनुमानित नुकसान हुआ है, जबकि मध्य प्रदेश देश में सबसे ज्यादा मूंग खरीदने वाला राज्य है।