जबलपुर हाई कोर्ट ने वरिष्ठ राजनेता मेनका गांधी और उनकी बहन अंबिका शुक्ला की भोपाल की पुश्तैनी 522 एकड़ जमीन से संबंधित कानूनी लड़ाई को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने उनकी रिट अपील निरस्त करते हुए वीएम सिंह के नाम विवादित संपत्ति के नामांतरण का रास्ता साफ कर दिया। यह विवाद वर्ष 1975 में शुरू हुआ था और इसमें 1993 की समझौता डिक्री तथा 2005 का सुप्रीम कोर्ट का निर्णय शामिल है। हाई कोर्ट ने पारिवारिक समझौते की शर्तों को महत्वपूर्ण मानते हुए पांच दशक पुराने इस मामले पर विराम लगाया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राजनेता मेनका गांधी, उनकी बहन अंबिका शुक्ला और ममेरे भाई वीएन सिंह के बीच भोपाल स्थित पैतृक जमीन विवाद के मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह विवाद भोपाल की हुजूर तहसील के लाऊखेड़ी क्षेत्र में स्थित पैतृक संपत्ति के नामांतरण से संबंधित है। अंबिका शुक्ला और मेनका गांधी ने वीएन सिंह के खिलाफ अपील दायर करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें पक्षकार बनाए बिना ही नामांतरण संबंधी आदेश प्राप्त कर लिया गया था। एकलपीठ से राहत न मिलने के बाद उन्होंने युगलपीठ का रुख किया था।