मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में अब मैनेजमेंट कोटा नहीं रहेगा। एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर प्रवेश पुराने नियमों के तहत ही होगा, जिसमें 85% सीटें स्टेट कोटा और 15% एनआरआई कोटे से भरी जाएंगी। शासन ने 35% मैनेजमेंट कोटा पुनः शुरू करने के चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। यह कोटा 2014 से बंद था। काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त से पंजीयन के साथ शुरू होगी, जिसमें 19 शासकीय और 14 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
इस सत्र से गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) में एमबीबीएस की 250 सीटों पर प्रवेश होगा, जिसके लिए कॉलेज प्रशासन ने काउंसिलिंग की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेडिकल काउंसिल कमेटी (एमसीसी) ने ऑल इंडिया कोटे के अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया आसान करते हुए अपग्रेडेशन का विकल्प ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। अब छात्रों को इसके लिए कॉलेज नहीं आना होगा। वहीं, मध्यप्रदेश में इस सत्र के लिए प्रस्तावित मेडिकल प्रवेश के नए नियम और निजी कॉलेजों में 30-35% मैनेजमेंट कोटा लागू नहीं होंगे। एनआरआई पात्रता में बदलाव भी टाले गए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ‘प्रवेश नियम-2026’ के तहत 8 साल बाद 30% ‘मैनेजमेंट कोटा’ फिर से शुरू होगा, जिसे भविष्य में 35% तक बढ़ाया जा सकता है। 15% एनआरआई कोटा बरकरार रहेगा, जबकि शेष 55% सीटें सामान्य काउंसलिंग से भरी जाएंगी। इस नीति से सरकारी खजाने को प्रति वर्ष लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है, क्योंकि सरकार को मैनेजमेंट और एनआरआई कोटे के छात्रों की फीस नहीं देनी होगी। हालांकि, इससे मेडिकल शिक्षा महंगी होने की आशंका है, क्योंकि मैनेजमेंट सीटों की फीस सामान्य सीटों से कई गुना अधिक होगी।