भारत में हाल ही में हुए दो बड़े प्रदर्शनों, जिनमें 20 जुलाई को छात्रों का ‘संसद चलो मार्च’ और 21 जुलाई को विपक्षी दलों का पीएम आवास के बाहर धरना शामिल है, को वैश्विक मीडिया ने मोदी सरकार के लिए एक प्रमुख चुनौती के रूप में देखा है। बीबीसी, द न्यूयॉर्क टाइम्स, फाइनेंशियल टाइम्स, ब्लूमबर्ग, द गार्डियन, सीएनएन और द वॉल स्ट्रीट जर्नल जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स ने इन घटनाओं की विस्तृत रिपोर्टिंग की है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की चोटों और प्रमुख नेताओं की हिरासत पर प्रकाश डाला, इसे सार्वजनिक असंतोष की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति बताया।