मध्य प्रदेश में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष चिंता का विषय बन गया है। इस वर्ष जनवरी से अब तक 50 ग्रामीणों की मौत वन्यजीवों के हमलों में हुई है, जबकि 2026 के शुरुआती 8 महीनों में 45 से अधिक बाघ भी मारे गए हैं। ग्रामीण महुआ, जलाऊ लकड़ी और तेंदू पत्ता बीनने जैसे कार्यों के लिए जंगल में जाते हैं, जिससे वन्यजीवों से आमना-सामना का खतरा बढ़ता है। सरकार ने पांच साल में मुआवजे के तौर पर 88.38 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है, जिसमें 2024-25 में 20.05 करोड़ रुपये से अधिक शामिल हैं। प्रदेश में बाघों की संख्या 980 होने का अनुमान है, जबकि 2022 की गणना में यह 785 थी।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, मृतकों में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं। शिवसागर जिले में एक मौत के आंकड़े को संशोधित कर 49 कर दिया गया है। कछार में 22, शिवसागर में 49, करीमगंज में नौ और गोलाघाट में आठ लोगों की मौत हुई है। कृषि क्षेत्र और पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है, जबकि छत्तीसगढ़ ने ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की है।
इंदौर में कांग्रेस ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और भाजपा परिषद के चार साल के कार्यकाल की नाकामियां गिनाते हुए उन पर हमला बोला है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने पत्रकार वार्ता में बेलेश्वर मंदिर बावड़ी और भागीरथपुरा में दूषित पानी से कुल 72 मौतों के लिए महापौर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नगर निगम पर 600 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी बकाया और वित्तीय संकट का भी आरोप लगाया। कांग्रेस ने घोटालों, टैक्स वृद्धि और बदहाल व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए महापौर व परिषद से जनता से माफी मांगने की मांग की।
इंदौर शहर में सोमवार शाम से देर रात तक हुए अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की जान चली गई। ये हादसे कनाड़िया, आजाद नगर, लसूड़िया और विजयनगर क्षेत्रों में हुए। मृतकों में अशोक परमार, दिव्यांग संजय ठाकरे, निकिता लोधी, शिवराज मालवीय और एक अज्ञात 40 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। सभी शव पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजे गए हैं। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है और अज्ञात वाहनों की तलाश जारी है।