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ग्वालियर में बारिश थमते ही उमस और गर्मी बढ़ी, न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज

ग्वालियर में बारिश का दौर थमने के बाद सोमवार को उमस और गर्मी में वृद्धि दर्ज की गई। शहर का न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा और हवा में नमी का स्तर 91% तक पहुँच गया, जिससे लोग दिनभर असहज महसूस करते रहे। मौसम विशेषज्ञों ने वातावरण में नमी के कारण स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना जताई है। शहरवासी अब उमस से राहत पाने के लिए तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

ग्वालियर मध्य प्रदेश का सबसे गर्म शहर, पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार

ग्वालियर सोमवार को मध्य प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री अधिक है। शहर में लगातार दूसरे दिन आंशिक बादल और तेज धूप के साथ भीषण उमस ने लोगों को परेशान किया। खजुराहो 34 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। पिछले दो दिनों से मानसून ब्रेक के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार सुबह से बादल छाए रहे पर वर्षा नहीं हुई।

मध्य प्रदेश में मौसम के दो रंग: 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना, भोपाल में उमस

मध्य प्रदेश में मंगलवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले, जहां 12 जिलों में वर्षा दर्ज हुई, वहीं भोपाल में उमस रही। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए पूर्वी जिलों में तेज वर्षा की संभावना जताई है, विशेषकर टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी वर्षा का अनुमान है। मंगलवार को नौगांव में सर्वाधिक 42 मिमी वर्षा हुई। उत्तरी हिस्सों के ऊपर बने चक्रवात और मानसून द्रोणिका को इस मौसमी बदलाव का कारण बताया गया है।

इंदौर में 65 दिन में सिर्फ 15 इंच बारिश, 10 साल में सबसे कम; प्रदेश के 50 जिले भी कम वर्षा वाले

इंदौर में मानसून के 65 दिन बीतने के बाद भी अच्छी बारिश का इंतजार जारी है, जहां अब तक केवल 15 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। इसका असर शहर के जलाशयों और पेयजल पर दिख रहा है। पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 18% कम बारिश हुई है, जिससे सोयाबीन, धान जैसी फसलों की बढ़त प्रभावित हुई है। राज्य के 55 में से 50 जिले कम वर्षा की श्रेणी में हैं, जबकि देवास एकमात्र अपवाद है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त से भारी वर्षा की संभावना

मध्य प्रदेश में मानसून का मजबूत सिस्टम सक्रिय न होने के कारण वर्षा की रफ्तार धीमी पड़ गई है, सोमवार को अधिकांश हिस्सों में झमाझम वर्षा नहीं हुई। इंदौर और ग्वालियर में 3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल में हल्की बौछारें पड़ीं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले चार-पांच दिनों तक वर्षा गतिविधियां धीमी रहेंगी। हालांकि, पूर्वी हिस्सों में 6 अगस्त से मौसम बदलने और ग्वालियर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर में भारी वर्षा की संभावना है।

इंदौर में अगले चार दिन तक बूंदाबांदी का अनुमान: मौसम विज्ञानियों ने प्रभावी सिस्टम की कमी बताई

इंदौर में मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले चार दिनों तक बूंदाबांदी का ही अनुमान है, क्योंकि वर्तमान में कोई प्रभावी मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। सोमवार को शहर में 2.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 7 से 8 अगस्त तक हल्की वर्षा की संभावना है। दूसरी ओर, श्री मानभद्र भक्त मंडल द्वारा सुखद वर्षा और विश्व शांति के लिए बाबा मानभद्र का दो दिवसीय पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 21 हजार मंत्रों का जाप किया गया।

मध्य प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में कमी का अनुमान, मानसून द्रोणिका का प्रभाव जारी

मध्य प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है क्योंकि लो प्रेशर एरिया गुजरात की ओर बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानी पीसी साहू के अनुसार, शनिवार से राज्य में भारी वर्षा की संभावना कम है, हालांकि मानसून द्रोणिका का प्रभाव बना रहेगा। भोपाल में अगस्त माह का मौसम सुहाना रहने और जुलाई से अधिक ठंडा होने की उम्मीद है। शुक्रवार को खंडवा में सर्वाधिक 94 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल में 8 मिलीमीटर और इंदौर में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। अगस्त माह में भोपाल की औसत वर्षा 326 मिलीमीटर होती है, जिसमें 13.9 दिन वर्षा के होते हैं।

मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, भोपाल सहित 3 जिलों में बारिश; 4 में भारी वर्षा का अलर्ट, 17% कमी

मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते राजधानी भोपाल, सीहोर और रायसेन में सोमवार रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे उमस से राहत मिली है। हालांकि, प्रदेश में अब भी सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास में सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि आलीराजपुर में 74 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे वर्षा की कमी पूरी हो सकती है।

इंदौर में तेज बारिश का इंतजार जारी, हल्की बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक

इंदौर में पिछले कुछ दिनों से तेज बारिश का इंतजार बना हुआ है, हालांकि हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है। शहरवासी दो सप्ताह से भीषण उमस से परेशान हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया तंत्र सक्रिय हुआ है, जिससे हवा में नमी बढ़ी है और जुलाई के अंतिम दिनों में अच्छी वर्षा की उम्मीद है। हाल की हल्की बारिश से अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन से 1.3 डिग्री कम है। जुलाई की शुरुआत में 13.6 इंच बारिश के बाद 14 दिन सूखा रहा था। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह हल्की बारिश बड़े मौसमी बदलाव की शुरुआत है और माह अंत तक तेज बारिश होगी।