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बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब क्षेत्र बनने से मानसून होगा सक्रिय

ग्वालियर अंचल में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून प्रणाली में फिलहाल ठहराव आ गया है, जिससे आगामी चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 29 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्नदाब क्षेत्र बनने वाला है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। जिले में अब तक 595.3 मिमी औसत वर्षा हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 505.9 मिमी कम है। पिछले 24 घंटों में डबरा में 53 मिमी और ग्वालियर में 47.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य से 11.3% कम, 33.1 इंच बारिश; 21 सितंबर के बाद बढ़ेगी गतिविधि

मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की ओर है, जहां अब तक 33.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे से 11.3 प्रतिशत कम है। सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है, जिसके लिए 4.2 इंच अतिरिक्त बारिश की आवश्यकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 सितंबर तक बड़े बारिश सिस्टम का असर नहीं रहेगा, लेकिन 21 सितंबर के बाद चक्रवाती गतिविधियों के कारण तेज बारिश का दौर बनने का अनुमान है। प्रदेश के 32 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जून की कम बारिश को कुल कमी का मुख्य कारण बताया गया है।

ग्वालियर में रात के तापमान में गिरावट, 24 सितंबर से हल्की से मध्यम वर्षा संभव

ग्वालियर अंचल में रात का तापमान गिरना शुरू हो गया है, रविवार को इसमें 1.5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, जबकि दिन का तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 सितंबर से अंचल में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। अंडमान सागर के ऊपर एक निम्नदाब का क्षेत्र बना है, जिसके डीप डिप्रेशन में बदलकर उड़ीसा और छत्तीसगढ़ होते हुए अंचल की ओर बढ़ने का अनुमान है। आगामी तीन दिनों तक कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बौछारें पड़ सकती हैं और तापमान में थोड़ा उतार-चढ़ाव रहेगा।

ग्वालियर में बारिश थमते ही उमस और गर्मी बढ़ी, न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज

ग्वालियर में बारिश का दौर थमने के बाद सोमवार को उमस और गर्मी में वृद्धि दर्ज की गई। शहर का न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा और हवा में नमी का स्तर 91% तक पहुँच गया, जिससे लोग दिनभर असहज महसूस करते रहे। मौसम विशेषज्ञों ने वातावरण में नमी के कारण स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना जताई है। शहरवासी अब उमस से राहत पाने के लिए तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

ग्वालियर मध्य प्रदेश का सबसे गर्म शहर, पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार

ग्वालियर सोमवार को मध्य प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री अधिक है। शहर में लगातार दूसरे दिन आंशिक बादल और तेज धूप के साथ भीषण उमस ने लोगों को परेशान किया। खजुराहो 34 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। पिछले दो दिनों से मानसून ब्रेक के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार सुबह से बादल छाए रहे पर वर्षा नहीं हुई।

मध्य प्रदेश में मौसम के दो रंग: 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना, भोपाल में उमस

मध्य प्रदेश में मंगलवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले, जहां 12 जिलों में वर्षा दर्ज हुई, वहीं भोपाल में उमस रही। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए पूर्वी जिलों में तेज वर्षा की संभावना जताई है, विशेषकर टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी वर्षा का अनुमान है। मंगलवार को नौगांव में सर्वाधिक 42 मिमी वर्षा हुई। उत्तरी हिस्सों के ऊपर बने चक्रवात और मानसून द्रोणिका को इस मौसमी बदलाव का कारण बताया गया है।

इंदौर में 65 दिन में सिर्फ 15 इंच बारिश, 10 साल में सबसे कम; प्रदेश के 50 जिले भी कम वर्षा वाले

इंदौर में मानसून के 65 दिन बीतने के बाद भी अच्छी बारिश का इंतजार जारी है, जहां अब तक केवल 15 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। इसका असर शहर के जलाशयों और पेयजल पर दिख रहा है। पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 18% कम बारिश हुई है, जिससे सोयाबीन, धान जैसी फसलों की बढ़त प्रभावित हुई है। राज्य के 55 में से 50 जिले कम वर्षा की श्रेणी में हैं, जबकि देवास एकमात्र अपवाद है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त से भारी वर्षा की संभावना

मध्य प्रदेश में मानसून का मजबूत सिस्टम सक्रिय न होने के कारण वर्षा की रफ्तार धीमी पड़ गई है, सोमवार को अधिकांश हिस्सों में झमाझम वर्षा नहीं हुई। इंदौर और ग्वालियर में 3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल में हल्की बौछारें पड़ीं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले चार-पांच दिनों तक वर्षा गतिविधियां धीमी रहेंगी। हालांकि, पूर्वी हिस्सों में 6 अगस्त से मौसम बदलने और ग्वालियर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर में भारी वर्षा की संभावना है।

इंदौर में अगले चार दिन तक बूंदाबांदी का अनुमान: मौसम विज्ञानियों ने प्रभावी सिस्टम की कमी बताई

इंदौर में मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले चार दिनों तक बूंदाबांदी का ही अनुमान है, क्योंकि वर्तमान में कोई प्रभावी मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। सोमवार को शहर में 2.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 7 से 8 अगस्त तक हल्की वर्षा की संभावना है। दूसरी ओर, श्री मानभद्र भक्त मंडल द्वारा सुखद वर्षा और विश्व शांति के लिए बाबा मानभद्र का दो दिवसीय पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 21 हजार मंत्रों का जाप किया गया।

मध्य प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में कमी का अनुमान, मानसून द्रोणिका का प्रभाव जारी

मध्य प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है क्योंकि लो प्रेशर एरिया गुजरात की ओर बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानी पीसी साहू के अनुसार, शनिवार से राज्य में भारी वर्षा की संभावना कम है, हालांकि मानसून द्रोणिका का प्रभाव बना रहेगा। भोपाल में अगस्त माह का मौसम सुहाना रहने और जुलाई से अधिक ठंडा होने की उम्मीद है। शुक्रवार को खंडवा में सर्वाधिक 94 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल में 8 मिलीमीटर और इंदौर में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। अगस्त माह में भोपाल की औसत वर्षा 326 मिलीमीटर होती है, जिसमें 13.9 दिन वर्षा के होते हैं।