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मध्यप्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार

मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटों में लगभग 8 इंच बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल में रविवार रात से ही तेज बारिश जारी है। हालांकि, प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत कम है, जिसमें पूर्वी मध्यप्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में 18% कम बारिश, 43 जिले प्रभावित

मध्य प्रदेश में इस सीजन अब तक औसत से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे 55 में से 43 जिले प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में साढ़े तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से राज्य में भारी बारिश नहीं हुई है। हालांकि, उत्तरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण और एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आगामी दिनों में तेज बारिश की उम्मीद है। बुधवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत वर्षा का घाटा, 43 जिले सामान्य से पीछे

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से वर्षा का घाटा बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश के 55 में से 43 जिले सामान्य बारिश से पीछे हैं और अब तक औसत से करीब साढ़े तीन इंच कम पानी बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मौसम प्रणालियां कमजोर रहीं, लेकिन उत्तर भारत में दो चक्रवाती परिसंचरण और एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश: 4 और 5 अगस्त से उत्तरी-पूर्वी जिलों में मूसलाधार बारिश का नया दौर संभव

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, मध्य प्रदेश में 4 और 5 अगस्त से उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। इससे पहले अगले 48 घंटों तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी, जिसके लिए कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। वर्तमान में राजस्थान पर कम दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश से गुजर रही है। इस मानसून सीजन में 43 जिलों में सामान्य से कम और 12 जिलों में औसतन अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि जुलाई में कुल बारिश सामान्य से 13% कम रही।

मालवा-निमाड़ में मूसलाधार बारिश, ताप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर; एक युवक लापता

मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। खरगोन के गोगावां में 200 मिमी और बुरहानपुर में 150 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। नदियां उफान पर हैं, और ताप्ती नदी बुरहानपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खंडवा में बांध के गेट खोले गए और सिंचाई परियोजना के पाइप उखड़ गए। खरगोन में फसलें जलमग्न हो गईं और तेज बहाव में बहने से एक 19 वर्षीय युवक लापता है, जबकि उसका साथी सुरक्षित निकल आया। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

हरिद्वार में आज से कांवड़ यात्रा शुरू, सुरक्षा के लिए 6000 जवान तैनात

आज से हरिद्वार में कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है, जिसके लिए 6000 जवान तैनात किए गए हैं। उत्तराखंड में 114 आरोग्य मंदिर नगर निकायों द्वारा संचालित होंगे। उत्तराखंड के चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कैथल में वकीलों की हड़ताल जारी है, जबकि मथुरा में मुठभेड़ में दो गो तस्कर पकड़े गए और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ। पलवल में कम बारिश से किसान चिंतित हैं, और वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर मार्ग केवल पैदल यात्रियों के लिए रहेगा।

मध्यप्रदेश के 18 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, पूर्वी-मध्य हिस्सों में मानसून होगा और तेज

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना हवा का दबाव गहरा अवदाब बनकर 27 जुलाई दोपहर तक ओडिशा-बंगाल तट से टकराएगा, जिससे मध्यप्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। रीवा, सतना, जबलपुर सहित 18 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और मध्य हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। वर्षा के बावजूद, दिन के तापमान में 1-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उमस बढ़ी है।

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, छह जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जो 27 से 30 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियों को तेज करेंगी। हालांकि, राज्य में अभी भी औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आगामी वर्षा से इस कमी को काफी हद तक पूरा होने की उम्मीद है।

देशभर में बारिश का कहर: असम में बाढ़ से 41 मौतें, महाराष्ट्र और गुजरात प्रभावित

देशभर में बारिश का कहर जारी है, जिसके कारण बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से कई लोगों की जान गई है। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 जिलों में 65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। महाराष्ट्र के पालघर और ठाणे जिलों में भी भारी बारिश से जलभराव और यातायात बाधित हुआ है, जबकि गुजरात के वलसाड, सूरत और अहमदाबाद में भी स्थिति गंभीर है। मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है।

इंदौर में वर्षा का पूर्वानुमान, प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

इंदौर में सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी व उमस से राहत मिली। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के चलते इंदौर में 22 और 23 जुलाई को हल्की वर्षा तथा 24 जुलाई को तेज वर्षा की संभावना है। प्रदेश के गुना, श्योपुरकलां समेत 19 जिलों में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जुलाई को इंदौर सहित कई जिलों में तेज वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।