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मध्य प्रदेश में भारी बारिश, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में स्थिति गंभीर है, जहां चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और मंगलवार को रामघाट की 400 दुकानें जलमग्न हो गईं। सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

श्योपुर जंगल में भारी वर्षा से जलभराव, चीतों की निगरानी बढ़ाई गई

मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल में लगातार वर्षा के कारण श्योपुर जिले के जंगल में व्यापक जलभराव हो गया है, जिससे जलस्तर बढ़ने की संभावना है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए कूनो प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं और चीतों की निगरानी बढ़ा दी गई है। श्योपुर में पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने नदी-नालों को उफान पर ला दिया है, जिससे 48 घंटे में आवदा डैम ओवरफ्लो हो गया और कई गांव टापू बन गए। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में भी तेज वर्षा की संभावना जताई है, जो चीतों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, खासकर 27 अगस्त 2024 को नर चीता पवन की नाले में डूबने से हुई मौत के बाद।

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक, 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे सितंबर माह के आधे बीतने तक प्रदेश में कुल 88 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों ने अपना बारिश का कोटा पूरा कर लिया है, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में यह लक्ष्य अधूरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में भारी बारिश की संभावना नहीं है और 15 सितंबर से बारिश का सिस्टम कमजोर हो गया है। पूर्वी हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है, वहीं पश्चिमी हिस्से सूखे रहे हैं, हालांकि पिछले सप्ताह आंकड़ों में सुधार देखा गया था।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर तक बारिश की संभावना

प्रदेश में मंगलवार को मौसम शुष्क रहा, जिसके परिणामस्वरूप दिन के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और कई जिलों में उमस महसूस की गई। मौसम विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती हवाओं के घेरे और उत्तर हरियाणा में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण होगा।

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई: सामान्य से चार प्रतिशत कम बारिश, पूर्वी हिस्से में फिर बारिश के आसार

मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो गई है, जिसके बाद रातें ठंडी और दिन गर्म होने लगे हैं। पूरे सीजन में 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार प्रतिशत कम रही। मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के 14 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। पिछली तीन रातों में कई शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है, जबकि दिन में तेज धूप से गर्मी महसूस हो रही है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में वर्षा के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया है, जिसमें जून महीने की कमी मुख्य कारण रही।

इंदौर में दिनभर रिमझिम वर्षा, आगामी 3-4 दिन भी जारी रहने के आसार

इंदौर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और हल्की वर्षा दर्ज की गई। रीगल क्षेत्र में 20.25 मिमी और एयरपोर्ट क्षेत्र में 18.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। मौसम विज्ञानियों ने अगले तीन से चार दिनों तक इंदौर शहर और संभाग में रुक-रुककर हल्की वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और दक्षिण मध्य प्रदेश में सक्रिय शियर जोन इस मौसम परिवर्तन के मुख्य कारण हैं।

जबलपुर के बरगी बांध का जलस्तर 417 मीटर दर्ज, 25 जुलाई से 3.25 मीटर की वृद्धि

जबलपुर के रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) का जलस्तर 25 जुलाई को 413.75 मीटर से बढ़कर रविवार को 417 मीटर तक पहुंच गया है, जो 3.25 मीटर की वृद्धि दर्शाता है। बांध का अधिकतम जलस्तर 422.76 मीटर है, जिससे यह पांच मीटर खाली है। मौसम विभाग ने जबलपुर सहित छह जिलों में अगले 24-48 घंटों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, और बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश में औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा, इंदौर संभाग के अधिकांश जिले प्रभावित

मध्य प्रदेश में इस वर्ष मानसून की स्थिति औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा के साथ बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इंदौर संभाग के अधिकांश जिले, बुरहानपुर, खरगोन और देवास को छोड़कर, औसत से कम वर्षा से प्रभावित हैं। इंदौर जिले में औसत से 10 प्रतिशत और इंदौर शहर में 133.2 मिमी कम बारिश हुई है। वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर एक कम दबाव का क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है।

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश: राजगढ़ में कार बहने से 9 की मौत, भोपाल में चार साल बाद रिकॉर्ड वर्षा

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। राजगढ़ जिले में नाले में कार बहने से उसमें सवार 11 लोगों में से 9 के शव बरामद किए गए हैं। राजधानी भोपाल में सोमवार रात चार साल बाद रिकॉर्ड 175.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार, यह इस सीजन की सबसे तेज बारिश थी। प्रदेश में दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे 14 अगस्त तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। विदिशा, सीहोर, रायसेन और गुना सहित अन्य जिलों में भी नदियां उफान पर हैं और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में जलभराव; भोपाल-आगर-मालवा में स्कूल बंद

मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से सक्रिय मानसून के कारण भारी बारिश हुई है, जिससे राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में जलभराव और आवागमन प्रभावित हुआ है। भोपाल और आगर-मालवा में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने नीमच सहित दस जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा है, जिससे कई डैम के गेट खोलने पड़े हैं। हालांकि, प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।