मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बावजूद बारिश का वितरण असमान बना हुआ है, जिससे प्रदेश में अब तक 20 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। रविवार को दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर सहित अधिकांश जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। राज्य में अब तक 17.2 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य 21.5 इंच से 4.3 इंच कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 23% और पश्चिमी हिस्से में 18% बारिश की कमी है, जो खेती के लिए चिंता का विषय है।
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन का आधे से अधिक समय बीतने के बावजूद बारिश सामान्य से 18% कम है, जिससे 49 जिलों में सूखे जैसी स्थिति बन गई है और खेती प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेश में अब तक 413.3 मिमी बारिश हुई है, जो अपेक्षित 507.2 मिमी से 94 मिमी कम है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक कई हिस्सों में तेज बारिश का अनुमान जताया है, जिसमें एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसून की कमी पूरी होने की उम्मीद है।
जबलपुर में लगभग एक सप्ताह बाद मौसमी प्रणालियां फिर सक्रिय हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप मंगलवार को जिले में खंड-खंड बारिश हुई। हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक केवल 324.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो गत वर्ष की तुलना में 447 मिमी कम है और औसत से काफी पीछे है। बारिश की कमी और संभावित जल संकट के मद्देनजर, अखिल भारतीय गायत्री परिवार ट्रस्ट, जबलपुर छह और सात अगस्त को पर्याप्त वर्षा के लिए वरुण गायत्री जप एवं यज्ञ का आयोजन करेगा।
मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से भारी बारिश थमने के कारण मानसून सुस्त पड़ गया है। मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून पुनः सक्रिय होगा और कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। प्रदेश में अब तक औसतन 404.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत की कमी है, हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने वाले द्विदलीय विधेयक को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे भारत और चीन जैसे बड़े तेल-गैस आयातक प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पेपर लीक विधेयक को ‘अपर्याप्त’ बताया। दिल्ली में रक्षा बंधन पर लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी होगी, जिसमें 17 लाख से अधिक महिलाओं को मासिक सहायता मिलेगी। कश्मीर में बादल फटा, हिमाचल-उत्तराखंड में 290 सड़कें बंद हैं और देशभर में भारी बारिश का अलर्ट है। कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्जन लागू हुआ। अलीगढ़ में बारिश से मकान गिरे।
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश का वितरण असमान है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 8 जिलों – सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल – में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जहां 4 इंच या उससे अधिक वर्षा हो सकती है। राज्य में अब तक सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज हुई है, जिसमें पूर्वी मध्य प्रदेश में 20% और पश्चिमी हिस्से में 15% की कमी है। केवल आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जिसमें देवास 29% अधिक वर्षा के साथ सबसे आगे है। 28 से 30 जुलाई के बीच मानसून के फिर से तीव्र होने की संभावना है।
भोपाल समेत प्रदेश के 41 जिलों में वर्षा दर्ज की गई है, जिसमें कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। पिछले 48 घंटों में भोपाल में लगभग 3 इंच बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली। जुलाई का सामान्य वर्षा कोटा अभी 5.21 इंच दूर है। मानसूनी ट्रफ सक्रिय होने के कारण अगले 24-48 घंटों में कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। गुना के मकसूदनगढ़ में सर्वाधिक 6.85 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने 50 जिलों के लिए येलो अलर्ट और धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, पिछले 36 घंटों से 35 से अधिक जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बुधवार को शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी समेत 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में भी अच्छी बारिश की संभावना है। राज्य में वर्षा का अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश है। देवास में सर्वाधिक और आलीराजपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज हुई है।
इंदौर में सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी व उमस से राहत मिली। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के चलते इंदौर में 22 और 23 जुलाई को हल्की वर्षा तथा 24 जुलाई को तेज वर्षा की संभावना है। प्रदेश के गुना, श्योपुरकलां समेत 19 जिलों में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जुलाई को इंदौर सहित कई जिलों में तेज वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।