जबलपुर के करौंदा बायपास पर शुक्रवार को मोबाइल ई-कोर्ट ने यातायात एवं अतिक्रमण व्यवस्था सुधारने के लिए कार्रवाई की। नगर निगम मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गोयल के नेतृत्व में इस दौरान दो अव्यवस्थित खड़े माल वाहक वाहनों को जब्त किया गया और उनके चालकों पर स्पॉट फाइन लगाया गया। गंदगी फैलाने वालों और सड़क किनारे स्थित ढाबों, नाश्ता व चाय की दुकानों पर भी नियमानुसार जुर्माना वसूला गया। विभिन्न प्रकरणों में कुल आठ हजार रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई। नगर निगम ने बताया कि ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
इंदौर में मंगलवार को एक शराबी ट्रक चालक ने नो एंट्री क्षेत्र में घुसकर दहशत फैलाई। पुलिस के पीछा करने पर चालक धार रोड, गंगवाल बस स्टैंड होते हुए बड़ा गणपति तक भागा। पुलिस ने वायरलेस अलर्ट जारी कर लोडिंग वाहनों से रास्ता रोककर ट्रक को पकड़ा। चालक सुनील पुत्र रामप्रसाद जालौन निवासी शराब के नशे में धुत था। उसके खिलाफ गंभीर धाराओं, मोटर व्हीकल एक्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला दर्ज किया गया है। एक वर्ष पूर्व भी इसी जगह एक भीषण दुर्घटना हुई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी और 35 घायल हुए थे।
दिलीप नगर में स्पीड ब्रेकर पार करते समय दो कारों की टक्कर में फ्रंट सीट पर खड़ा चार साल का बच्चा कार के कांच से बाहर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद विशेषज्ञों ने बच्चों की कार सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया है। उनके अनुसार, 135 सेंटीमीटर से कम ऊंचाई या ढाई साल से कम उम्र के बच्चों को पिछली सीट पर बैठाना चाहिए, जबकि पांच साल के बच्चों के लिए बूस्टर सीट या फारवर्ड-फेसिंग चाइल्ड कार सीट आवश्यक है। बच्चों को गोद में या सक्रिय एयरबैग वाली आगे की सीट पर बैठाना खतरनाक माना गया है।
भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में दो युवकों, अमान खान और कार्तिक मिश्रा को नकली पुलिसकर्मी बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में से एक, अमान खान की कमर से नकली पिस्टल भी बरामद हुई। राहगीरों को संदेह होने पर उन्होंने दोनों का वीडियो बनाया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि वे सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर मौके पर ही रुपये वसूलते थे, लेकिन कोई वैधानिक चालान नहीं काटते थे।
प्रदेश में अवैध हूटर लगाकर वीआईपी रुतबा दिखाने के खिलाफ यातायात पुलिस ने बीते ढाई साल में 1 हजार से अधिक चालान काटे हैं। इंदौर में सर्वाधिक 255 से अधिक और भोपाल में 141 चालान दर्ज हुए। मुरैना में 100 से अधिक और भिंड में 92 चालान कटे, जबकि टीकमगढ़ में कोई मामला नहीं आया। 1 लाख रुपये से अधिक की चालान राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं हो पाई है, जिसमें देवास और इंदौर के आंकड़े शामिल हैं। हूटर का उपयोग केवल अधिकृत आपातकालीन वाहनों को ही अनुमत है।