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मध्य प्रदेश को सवा तीन साल में मिलीं 33 नई ट्रेनें; इंदौर को 2, भोपाल को 5

मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2023 से 30 जून 2026 तक, सवा तीन साल की अवधि में, रेलवे ने 33 नई ट्रेनें शुरू की हैं। रेल मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, इस दौरान इंदौर को केवल 2 नई ट्रेनें मिलीं, जबकि राजधानी भोपाल और रानी कमलापति स्टेशन को सर्वाधिक 5 नई ट्रेनों की सौगात मिली। जबलपुर और ग्वालियर को 4-4 नई ट्रेनें मिलीं। मंत्रालय ने बताया कि नई ट्रेनों का निर्धारण ट्रैक क्षमता, उपलब्ध रूट, रोलिंग स्टॉक और यात्रियों की मांग पर आधारित होता है। प्रदेश में वर्तमान में 10 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी संचालित हो रही हैं।

उज्जैन रेलवे ने एक दिन में बदला चार ट्रेनों के प्लेटफॉर्म परिवर्तन का आदेश

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर चार महत्वपूर्ण ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने का आदेश एक दिन के भीतर ही रद्द कर दिया गया। सोमवार को जारी इस आदेश में मंगलवार से ट्रेनों को नए प्लेटफॉर्म से संचालित करने की बात कही गई थी, लेकिन मंगलवार को ही इसे निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय से यात्रियों को दोबारा स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। इस बीच, प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यात्री सुविधाओं की कमी भी सामने आई है, जहां महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन होता है। रतलाम मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सुविधाओं में सुधार की मांग की है।

मध्य प्रदेश को 3 साल में 10 वंदे भारत और 14 अमृत भारत ट्रेनें मिलीं

रेल मंत्रालय ने राज्यसभा में कांग्रेस सांसद अशोक सिंह के सवाल के जवाब में बताया कि मध्य प्रदेश को पिछले तीन वर्षों में 10 ‘वंदे भारत’ ट्रेनें मिली हैं, जो प्रीमियम यात्रा प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों की किफायती और सुगम यात्रा के लिए 14 ‘अमृत भारत’ ट्रेनें भी शुरू की गई हैं। वंदे भारत पूर्णतः वातानुकूलित है और उच्च गति व आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जबकि अमृत भारत गैर-वातानुकूलित बोगियों के साथ किफायती दरों पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार की गई है, जिसमें मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं हैं।