हाईकोर्ट में उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों को बिना योजना के शुरू करने पर शासन जवाब नहीं दे सका। जनहित याचिका में बांड जारी करने की योजना को चुनौती दी गई थी, जिसके लिए आवश्यक अनुमतियां नहीं ली गई हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने तीन प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार व नवनिर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये है। परियोजना के लिए न तो प्रशासनिक-वित्तीय स्वीकृतियां हैं और न ही जमीन का अधिग्रहण हुआ है। सरकार ने जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।