राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में महानाट्य ‘युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ का मंचन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने डॉ. हेडगेवार के देशभक्ति, समानता और राष्ट्र सर्वोपरि के विचारों को प्रासंगिक बताया। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पहल को भी समानता के इसी भाव को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश राष्ट्रहित और समानता के मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है।
मध्य प्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पारित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे प्रदेश के इतिहास का ऐतिहासिक दिन बताया, कहा कि यह कानून समानता, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करेगा। विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यूसीसी लागू होने पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होगी, जिसमें एक से अधिक विवाह को अपराध माना जाएगा और महिलाओं को उत्तराधिकार में पुरुषों के समान अधिकार मिलेंगे। मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यूसीसी पारित करने वाला चौथा राज्य बन गया है। कानून में लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक हंगामे के बीच पारित हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के 8.5 करोड़ लोगों के लिए ऐतिहासिक बताया, और कहा कि यह ‘एक देश, एक संविधान, एक झंडा’ के संकल्प को दर्शाता है, साथ ही महिलाओं को बहुविवाह जैसी समस्याओं से राहत देगा। कांग्रेस ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे जन-मुद्दों से ध्यान भटकाने और हिंदू-मुस्लिम राजनीति का हिस्सा बताया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर बहुमत के बल पर विधेयक पारित कराने और विपक्ष के सुझावों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण और डॉ.
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच मोहन यादव सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कराया। यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार और महिलाओं-बच्चों के अधिकारों से जुड़े नए प्रावधान लागू होंगे। इसमें बेटे-बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेंगे, और लिव-इन संबंधों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा, जिसका उल्लंघन करने पर जुर्माना या जेल हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधेयक को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता का कानून बताया और दावा किया कि 93% नागरिकों ने इसका समर्थन किया है।