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मध्य प्रदेश यूसीसी विधेयक पर राज्यपाल ने मांगी कानूनी राय

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राज्य विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर राष्ट्रपति की अनुमति से पहले कानूनी सलाह मांगी है। विधेयक को लोकभवन की विधि एवं विधायी शाखा भेजा गया है, क्योंकि इसके कई प्रविधान भारत सरकार के विभिन्न कानूनों से संबंधित हैं। इसमें बहुविवाह, निकाह हलाला पर रोक और विवाह-तलाक व लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रविधान हैं। विधेयक 21 जुलाई को विधानसभा में पारित हुआ था। राष्ट्रपति कार्यालय संवैधानिक और कानूनी प्रविधानों का परीक्षण करेगा। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है, जबकि गुजरात और असम में प्रक्रिया जारी है।

मध्य प्रदेश में बाढ़ से 527 लोग बचाए गए, मुख्यमंत्री यादव ने हालात का जायजा लिया

मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 527 लोगों को बचाया गया है और राहत कार्य जारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में राज्य आपदा प्रबंधन स्थिति कक्ष का दौरा कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हालात का जायजा लिया और प्रभावितों से बातचीत की। उन्होंने मंगलवार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल से भेंट कर यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पारित होने, 15 प्रतिशत कम बारिश और विकास परियोजनाओं सहित राज्य के विभिन्न घटनाक्रमों पर चर्चा की। योग्य सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की जानकारी भी राज्यपाल को दी गई।

यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद हाई कोर्ट से जनहित याचिका निरस्त

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने के बाद उससे संबंधित एक जनहित याचिका जबलपुर हाई कोर्ट से वापस ले ली गई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने भोपाल नगर निगम के पूर्व पार्षद मेवा लाल की याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए निरस्त कर दिया। याचिका में यूसीसी लागू करने से पहले राष्ट्रीय आयोगों से परामर्श न करने और आदिवासी अधिकारों व लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य पंजीयन पर आपत्ति जताई गई थी। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में यूसीसी कानून की संवैधानिक वैधता को नई याचिका से चुनौती दी जा सकती है।

सीएम मोहन यादव: यूनिफॉर्म सिविल कोड सभी धर्मों पर लागू करेगा एक जैसे कानून

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) सभी धर्मों के लोगों पर एक जैसे कानून लागू करेगा और समाज के सभी वर्गों के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा। यह बयान राज्य विधानसभा द्वारा ‘मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026’ पारित करने के दो दिन बाद आया। विधानसभा ने 21 जुलाई को ध्वनि मत से यह बिल पारित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी पर चर्चा के दौरान लगभग 3.5 करोड़ लोगों से संपर्क किया गया और 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी में शादी, तलाक और विरासत जैसे मामले शामिल होंगे।

यूसीसी पर अधिवक्ता शीराज कुरैशी की पुस्तक ‘इन सपोर्ट ऑफ यूसीसी-एमपी’ चर्चा में

अधिवक्ता शीराज कुरैशी की पुस्तक ‘इन सपोर्ट ऑफ यूसीसी-एमपी’ समान नागरिक संहिता विधेयक के विधानसभा में पेश होने के बाद चर्चा में है। कुरैशी का दावा है कि यह पुस्तक संविधान की मूल भावना और अनुच्छेद 44 के आलोक में यूसीसी की आवश्यकता और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों के पदाधिकारी कुरैशी ने 2006 से इस विषय पर अध्ययन किया है। पुस्तक में मुस्लिम समाज में यूसीसी को लेकर प्रचलित भ्रांतियों पर चर्चा की गई है, और यह न्याय तथा समानता की अवधारणा को मजबूत करती है। इसका अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित हो चुका है।

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज UCC सहित 8 विधेयकों पर चर्चा, अनुपूरक बजट भी होगा प्रस्तुत

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित आठ विधेयकों पर चर्चा होगी। इस दौरान यूसीसी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है, जिस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संशोधन प्रस्ताव दिया है। सरकार यूसीसी को बड़ी उपलब्धि बता रही है, जिससे महिलाओं को संपत्ति सहित कानूनी अधिकारों में समान संरक्षण मिलेगा। इसके अतिरिक्त, वित्त विभाग वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत करेगा, जिसमें विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित हैं।

मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों से यूसीसी के लाभ घर-घर पहुंचाने को कहा

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश होने के बाद भाजपा ने इसे जनता तक पहुंचाने की रणनीति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायकों से यूसीसी के प्रावधानों और लाभों की सही जानकारी आमजन तक पहुंचाने को कहा। मुख्यमंत्री ने यूसीसी को प्रदेश की बड़ी उपलब्धि और सामाजिक समरसता, न्याय, महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को विशेष लाभ मिलने और विपक्ष के भ्रम का तथ्यों से जवाब देने पर जोर दिया।

मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश, शहरकाजी ने मुस्लिम समुदाय को छूट देने की मांग की; सीएम बोले- सबको समान अधिकार मिलेंगे

मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पेश किया गया है। भोपाल के शहरकाजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील के साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की और मुस्लिम समुदाय को यूसीसी से बाहर रखने की मांग की। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संवैधानिक अनुच्छेदों के तहत संरक्षित परंपरागत अधिकारों को यूसीसी से बाहर रखने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी से सबको समान अधिकार मिलेंगे और मुस्लिम बहनों को विशेष लाभ होगा।

मध्य प्रदेश पुलिस में 8 साल बाद होगी SI भर्ती, हर साल नियमित पदोन्नति

मध्यप्रदेश सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई भर्तियां और नियमित पदोन्नति की व्यवस्था लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टर की भर्ती शुरू होगी और हर साल पदोन्नतियां होंगी। उन्होंने बताया कि सरकार पुलिस को आधुनिक, सक्षम और प्रभावी बनाकर अपराधों पर नियंत्रण करेगी, साथ ही नशे के खिलाफ अभियान को भी तेज किया जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सुधरी है और अब विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को कानून का स्वरूप देने की दिशा में भी सरकार के आगे बढ़ने का उल्लेख किया।

मध्य प्रदेश बना चौथा भाजपा शासित यूसीसी राज्य, सितंबर 2008 के बाद के विवाह पंजीकरण अनिवार्य

मध्य प्रदेश विधानसभा ने मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत 8 विधेयक पारित किए, जिससे मध्य प्रदेश यूसीसी पारित करने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य बन गया है। इस विधेयक के तहत सितंबर 2008 के बाद हुए सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होगा, जिसे यूसीसी लागू होने के एक वर्ष के भीतर कराना होगा। यह कानून राज्य के बाहर रहने वाले मध्य प्रदेश के निवासियों पर भी लागू होगा। सरकारी या निजी नौकरी में वैवाहिक स्थिति बदलने के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा। संपत्ति विवादों में अदालत रक्षक नियुक्त कर सकेगी। सदन में यूसीसी पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।