भोपाल के बहुचर्चित बाल यौन शोषण मामले में न्यायिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपने सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं। अब न्यायालय ने मुख्य आरोपी प्यारे मियां उर्फ अब्दुल अय्यूब के बयान दर्ज करने के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में जुलाई 2020 में शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद प्यारे मियां और उसके साथियों पर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौनाचार, मानव तस्करी और अत्याचार के आरोप लगे थे। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किया है, और अब आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें हैं।
बड़नगर मार्ग स्थित दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज और शुजालपुर की एक युवती ने सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महामंडलेश्वर ने युवती पर हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए महाकाल थाने में शिकायत की है, जिसमें उन्होंने 50 लाख रुपए के मकान और 25 लाख रुपए नकद की मांग का जिक्र किया। वहीं, युवती ने महिला थाने में महामंडलेश्वर के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उसने गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में हुई घटना का वर्णन किया। पुलिस दोनों पक्षों के आवेदनों पर जांच कर रही है, टीआई गगन बादल ने बयानों में विरोधाभास बताया है।
लक्षद्वीप की एक अदालत ने नाबालिग लड़के से यौन अपराध के दोषी 37 वर्षीय व्यक्ति को पॉक्सो और आईपीसी के तहत कुल 40 साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 20 साल की वास्तविक कैद काटनी होगी और उस पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने रिश्ते के भरोसे के दुरुपयोग और बार-बार अपराध के कारण सजा में नरमी से इनकार किया। कोर्ट ने बच्चों के खिलाफ अपराधों पर चिंता जताई और पीड़ित को जुर्माने में से 1 लाख रुपये तथा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 2 लाख रुपये अतिरिक्त देने की सिफारिश की।