बोइंग डिफेंस इंडिया और बंगलूरू की मरलिनहॉक एयरोस्पेस ने भारतीय सैन्य जहाजों और विमानों के रखरखाव के लिए एक समझौता किया है। इस साझेदारी से रक्षा उपकरणों की मरम्मत अब भारत में ही हो सकेगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी और समय की बचत होगी। मरलिनहॉक का बंगलूरू स्थित एल3हैरिस वेस्टकैम प्रमाणित केंद्र P-8I समुद्री निगरानी विमानों के इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सिस्टम की मरम्मत करेगा। यह पहल भारतीय नौसेना को तत्काल सहायता प्रदान करेगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र की अग्रणी कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड मध्य प्रदेश में करीब 6,200 करोड़ रुपये का निवेश कर एक सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करेगी। इस परियोजना से 2,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मंजुल शरद शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की, जिसके बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और पारस डिफेंस के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कंपनी ने राज्य की नई सेमीकंडक्टर नीति से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है और उज्जैन के डीएमआईसी क्षेत्र में लगभग 50 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करने की योजना है।