शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर हुआ हमला केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक हस्ती पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा प्रहार है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया कि पत्थरों और लाठियों से लैस भीड़ ने उनके वाहन को घेरा, जिसका उद्देश्य एक सशक्त विपक्षी आवाज को खत्म करना था। संपादकीय ने केंद्र सरकार के रवैये में विरोधाभास पर सवाल उठाए, जिसमें राजनीतिक हिंसा के बावजूद केंद्रीय बलों की तैनाती में अनिच्छा और राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।
मध्य प्रदेश में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सितंबर 2026 में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, कांग्रेस इसे अपने आंदोलन का परिणाम बता रही है, जबकि एबीवीपी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के रूप में देखा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने 2016-17 के ‘गेट वेल सून’ आंदोलन का जिक्र किया, जिसके दौरान छात्र नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई बड़े नेता उभरे हैं।
बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। शुरुआती रुझानों के अनुसार, बांकीपुर में प्रशांत किशोर आगे चल रहे हैं, जबकि मांजलपुर और दतिया में भाजपा ने बढ़त बनाई है। मांजलपुर में भाजपा के सतेंद्रभाई पटेल 12941 वोटों के साथ आगे हैं, वहीं बांकीपुर में प्रशांत किशोर 2225 वोटों से शीर्ष पर हैं। दतिया में पहले राउंड के बाद भाजपा 909 वोटों से आगे रही। इन सीटों पर विधायकों के इस्तीफे, सदस्यता रद्द होने और निधन के कारण उपचुनाव हुए थे।
दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना सोमवार 3 अगस्त को होगी, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा ने नए चेहरे आशुतोष तिवारी को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने अनुभवी नेता घनश्याम सिंह को मैदान में भेजा है। इस चुनाव में मतदान 71.44 प्रतिशत रहा, जो 2023 की तुलना में नौ प्रतिशत कम है। महिलाओं का मतदान भी 12 प्रतिशत घटा है, जिससे कांग्रेस उत्साहित है। इन परिणामों का पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के राजनीतिक भविष्य पर असर होगा, साथ ही कांग्रेस के संगठनात्मक प्रयासों की भी परीक्षा होगी।