ओरछा में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुना। इस महामंथन में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित लगभग 350 प्रतिनिधि शामिल हुए। 14 साल बाद ओरछा में आयोजित इस बैठक में संगठन मजबूती, बूथ सशक्तीकरण, आगामी चुनावों की रणनीति और ‘मिशन 2028’ पर मंथन किया गया। पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने गुटबाजी की चर्चाओं को काल्पनिक बताया, यह कहते हुए कि संगठन मजबूती से काम कर रहा है।
राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आ रहे हैं और उसी शाम दिल्ली लौटेंगे। कांग्रेस उनके दौरे के लिए व्यापक तैयारियां कर रही है, जिसमें एयरपोर्ट से आयोजन स्थल तक एक रोड शो की योजना भी शामिल है, हालांकि राहुल की टीम से अभी तक इस पर सहमति नहीं मिली है। कांग्रेस नेता मौसम साफ रहने पर रोड शो की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, कांग्रेस नेता ‘गूंज’ कार्यक्रम के लिए स्कूलों, कॉलेजों, लाइब्रेरियों और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों का पंजीकरण भी करा रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब राज्य में अगले साल चुनाव प्रस्तावित हैं, और इस बैठक को चुनावी तैयारियों तथा पार्टी की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिलेंगे। मुलाकात के एजेंडे की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, हालांकि यह 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित हो सकती है। इस दौरे ने उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में चर्चा तेज कर दी है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन में सरकार की भूमिका तथा आयोग के निर्णयों में बहुमत प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाया। ओवैसी ने एसआईआर को बैकडोर एनआरसी बताया और परिवार रजिस्टर व ऑनलाइन प्रक्रिया की व्यवहार्यता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आयोग से बहुमत से लिए गए फैसलों का ब्योरा मांगा और कहा कि दो सदस्यों के असहमति नोट से निर्णयों की वैधता पर सवाल उठता है। उन्होंने एसआईआर के कारण गरीबों पर पड़े बोझ और अंतिम सूची से बाहर हुए लोगों के भविष्य को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दौरान फर्जी फॉर्म-7 दाखिल कर मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर यह “नाटक” बंद नहीं हुआ, तो हैदराबाद में बड़े विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने भाजपा और संघ परिवार पर फॉर्म-7 के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया, जिसमें फॉर्म भरने वाले की जानकारी के बिना मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। ओवैसी ने एसआईआर को “पिछले दरवाजे से लाया गया एनआरसी” भी बताया और कहा कि उनकी पार्टी ने इसका शुरू से विरोध किया है।
सुप्रिया सुले की बेटी के शादी रिसेप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और अमित शाह की एक साथ उपस्थिति ने राजनीतिक ध्यान खींचा। उसी दिन, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के आठ लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर सूखा, सिंचाई, किसानों की कर्जमाफी सहित विभिन्न क्षेत्रीय और महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दे उठाए। सांसदों ने बैठक को सकारात्मक बताया और प्रधानमंत्री से ध्यान देने का आश्वासन मिला। इन मुलाकातों को लेकर एनसीपी (एसपी) का कहना है कि ये जनहित के मुद्दों के लिए हैं, न कि राजनीतिक गठबंधन बदलने के लिए, हालांकि पवार की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
संसद के मानसून सत्र का 15वां दिन था, जिसमें लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। सत्र के तीन हफ्तों से सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई है। राज्यसभा अध्यक्ष ने भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ मनाई। कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली में सिद्धिविनायक मंदिर घोटाले पर विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, लोकसभा में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और कड़े दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिए गए।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा को जिले में नए सिरे से संगठन की संरचना और जिलाध्यक्ष का चयन करना पड़ रहा है। पार्टी पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव से मुक्त एक मजबूत नेतृत्व की तलाश में है। जिलाध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया के नामों पर विचार किया जा रहा है। तिवारी के पास संगठन को खड़ा करने का अनुभव है, वहीं पिरौनिया अनुसूचित वर्ग के प्रतिनिधित्व के कारण महत्वपूर्ण दावेदार हैं, जिसकी दतिया विधानसभा में 23.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस बीच, डॉ.
दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी हार के लिए कांग्रेस के षड्यंत्र को जिम्मेदार ठहराया और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर कहा कि इसका फैसला जांच समिति करेगी। श्री तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के षड्यंत्र को पार्टी समझ नहीं पाई। भाजपा ने हार के कारणों की जांच के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दतिया की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराया था।
दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने प्रदेश संगठनों में बड़े बदलाव कर रही हैं। कांग्रेस ने आठ जिला अध्यक्षों को हटाने और 253 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन करने की तैयारी की है, क्योंकि कई सदस्य निष्क्रिय पाए गए हैं। वहीं, भाजपा भी कमजोर प्रदर्शन, चावल घोटाले और संगठनात्मक कार्यों में अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण 12 जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर सकती है। दतिया उपचुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया है।