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सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में PM मोदी, पवार और शाह साथ दिखे; NCP (एसपी) सांसदों ने भी की प्रधानमंत्री से मुलाकात

सुप्रिया सुले की बेटी के शादी रिसेप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और अमित शाह की एक साथ उपस्थिति ने राजनीतिक ध्यान खींचा। उसी दिन, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के आठ लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर सूखा, सिंचाई, किसानों की कर्जमाफी सहित विभिन्न क्षेत्रीय और महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दे उठाए। सांसदों ने बैठक को सकारात्मक बताया और प्रधानमंत्री से ध्यान देने का आश्वासन मिला। इन मुलाकातों को लेकर एनसीपी (एसपी) का कहना है कि ये जनहित के मुद्दों के लिए हैं, न कि राजनीतिक गठबंधन बदलने के लिए, हालांकि पवार की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।

संसद के मानसून सत्र का 15वां दिन: लोकसभा में एमएसएमई संशोधन विधेयक, 2026 पारित

संसद के मानसून सत्र का 15वां दिन था, जिसमें लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। सत्र के तीन हफ्तों से सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई है। राज्यसभा अध्यक्ष ने भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ मनाई। कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली में सिद्धिविनायक मंदिर घोटाले पर विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, लोकसभा में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और कड़े दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिए गए।

दतिया भाजपा में नए जिलाध्यक्ष की तलाश तेज; आशुतोष तिवारी और घनश्याम पिरौनिया दौड़ में आगे

दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा को जिले में नए सिरे से संगठन की संरचना और जिलाध्यक्ष का चयन करना पड़ रहा है। पार्टी पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव से मुक्त एक मजबूत नेतृत्व की तलाश में है। जिलाध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया के नामों पर विचार किया जा रहा है। तिवारी के पास संगठन को खड़ा करने का अनुभव है, वहीं पिरौनिया अनुसूचित वर्ग के प्रतिनिधित्व के कारण महत्वपूर्ण दावेदार हैं, जिसकी दतिया विधानसभा में 23.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस बीच, डॉ.

दतिया उपचुनाव हार: नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर आशुतोष तिवारी बोले – जांच समिति करेगी फैसला

दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी हार के लिए कांग्रेस के षड्यंत्र को जिम्मेदार ठहराया और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर कहा कि इसका फैसला जांच समिति करेगी। श्री तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के षड्यंत्र को पार्टी समझ नहीं पाई। भाजपा ने हार के कारणों की जांच के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दतिया की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराया था।

दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस 8, भाजपा 12 जिलाध्यक्षों को हटाएगी

दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने प्रदेश संगठनों में बड़े बदलाव कर रही हैं। कांग्रेस ने आठ जिला अध्यक्षों को हटाने और 253 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन करने की तैयारी की है, क्योंकि कई सदस्य निष्क्रिय पाए गए हैं। वहीं, भाजपा भी कमजोर प्रदर्शन, चावल घोटाले और संगठनात्मक कार्यों में अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण 12 जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर सकती है। दतिया उपचुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया है।

राहुल गांधी, खरगे समेत विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में विरोध मार्च, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन

दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में किया गया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री से संसद में घटना पर बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।

दतिया उपचुनाव हार पर भाजपा की भोपाल में समीक्षा बैठक आज, सीएम डॉ. मोहन यादव होंगे शामिल

दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने परिणामों की विस्तृत समीक्षा करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक होगी। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया था। बैठक में हार के कारणों, प्रत्याशी चयन में बदलाव, स्थानीय असंतोष और भितरघात की आशंकाओं पर गहन चर्चा की जाएगी, साथ ही अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया गया है।

दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आज

दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आज घोषित होगा, जो भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की साख और कांग्रेस की वापसी की उम्मीदें इस चुनाव से जुड़ी हैं। 30 जुलाई को 71.42% मतदान हुआ, जो 2023 चुनाव से 8.86% कम था, जिसमें 19,528 मतदाताओं ने भाग नहीं लिया। महिला मतदाताओं की भागीदारी में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कम मतदान और विभिन्न रुझानों के कारण जीत-हार का अंतर कम रहेगा। सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं।

दतिया उपचुनाव: सीएम मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल का मेगा रोड शो आज

दतिया विधानसभा उपचुनाव अपने निर्णायक दौर में है, मतदान में केवल तीन दिन शेष हैं। भाजपा आज मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में एक विशाल रोड शो आयोजित कर रही है। यह रोड शो भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में होगा, जिसे पार्टी सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान मान रही है। मुख्यमंत्री मां पीतांबरा शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन के बाद कुशवाहा समाज सम्मेलन को संबोधित करेंगे। लगभग दो किलोमीटर लंबे इस रोड शो के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसका उद्देश्य शहरी मतदाताओं, व्यापारी वर्ग और कार्यकर्ताओं तक पहुंच बनाना है।

अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र: मंत्री के इस्तीफे से सरकार होगी अधिक जवाबदेह

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि इससे अन्य मंत्रियों को जवाबदेही का स्पष्ट संदेश मिलेगा और सरकार का कामकाज अधिक प्रभावी बनेगा। हजारे ने नीट परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लाखों युवाओं की चिंताओं को जनता की पीड़ा के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने संवाद को टकराव से बेहतर बताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और रचनात्मक संवाद से समाधान खोजने का आग्रह किया।