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1857 का विद्रोह: सीहोर में सिपाही बहादुर सरकार बनी, 356 क्रांतिकारी शहीद

वर्ष 1857 में भारत की आजादी की पहली चिंगारी भड़कने के साथ ही भोपाल रियासत की सैन्य छावनी सीहोर में भी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया था। 6 अगस्त 1857 को रिसालदार वली शाह और कोठ हवलदार महावीर कोठ के नेतृत्व में सैनिकों ने बगावत कर ‘सिपाही बहादुर सरकार’ का गठन किया। क्रांतिकारियों ने सरकारी तंत्र पर कब्जा कर लिया। इसी दौरान रानी लक्ष्मीबाई ने नवाब सिकंदर बेगम से क्रांतिकारियों का समर्थन करने की अपील की, जिसे बेगम ने अस्वीकार कर दिया। 14 जनवरी 1858 को अंग्रेज जनरल ह्यू रोज की सेना ने सीहोर में 356 क्रांतिकारियों को शहीद कर दिया। वली शाह और महावीर कोठ को 2 फरवरी 1858 को फांसी दी गई।

दतिया संग्रहालय में मिला रानी लक्ष्मीबाई का 175 साल पुराना जीवित अवस्था का चित्र

दतिया संग्रहालय में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का एक ऐतिहासिक 175 साल पुराना जीवित अवस्था का चित्र मिला है। दो फीट लंबा और पौने दो फीट चौड़ा यह चित्र रानी को घोड़े पर सवार कुलदेवी की पूजा के लिए जाते हुए दर्शाता है, जिसे 1849-50 के आसपास का माना जा रहा है। मध्य प्रदेश राज्य पुरातत्व संग्रहालय एवं अभिलेखागार के इतिहासकार डॉ. मो. वसीम खान के अनुसार, यह उनके पति गंगाधर राव के निधन से पहले का है। यह दुर्लभ चित्र ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के संग्रहण के दौरान सामने आया है और इसका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।