BREAKING NEWS

Latest News

भोजशाला विवाद में सुनवाई टली, खसरा संख्या 612 पर ही होगी नमाज

मध्य प्रदेश के धार जिले की भोजशाला से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर गुरुवार को सुनवाई टल गई। इसके चलते, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व निर्धारित अंतरिम व्यवस्था के अनुसार, इस शुक्रवार को भी भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 की भूमि पर दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और आवागमन व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को इस मामले को संवेदनशील बताते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 15 मई के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और वैकल्पिक नमाज स्थल की व्यवस्था दी थी।

भोजशाला को राष्ट्रीय सम्मान, स्मारक डाक टिकट जारी करने को केंद्र की मंजूरी

धार की ऐतिहासिक भोजशाला में साध्वी ऋतंभरा ने मां वाग्देवी की आरती की और सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भोजशाला का संघर्ष सत्य की विजय है और इसने कृष्ण जन्मभूमि का मार्ग प्रशस्त किया है। साध्वी ऋतंभरा ने मां वाग्देवी के जल्द धार में विराजमान होने की बात कही और समाज से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि मालवा की भूमि धर्म के प्रति आग्रह रखने वाली है। इस बीच, धार भोजशाला को राष्ट्रीय सम्मान देने और स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

महेश्वर के बुनकर कमल गोड को राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा

महेश्वर के प्रख्यात बुनकर कमल गोड को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान महेश्वरी साड़ी की विशिष्ट बुनाई और पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण के लिए मिला। गोड ने अपनी पुरस्कार विजेता कृति को महेश्वर की सांस्कृतिक विरासत और देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा को समर्पित किया। उनकी साड़ी का डिज़ाइन अहिल्या किले की स्थापत्य कला से प्रेरित है। यह सम्मान महेश्वरी हथकरघा परंपरा को देशभर में नई पहचान दिलाएगा।