असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, मृतकों में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं। शिवसागर जिले में एक मौत के आंकड़े को संशोधित कर 49 कर दिया गया है। कछार में 22, शिवसागर में 49, करीमगंज में नौ और गोलाघाट में आठ लोगों की मौत हुई है। कृषि क्षेत्र और पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है, जबकि छत्तीसगढ़ ने ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की है।
असम में लगातार मानसूनी बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण ऊपरी असम के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत अब तक 571 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। यह अभियान 19 जुलाई से चौबीसों घंटे चल रहा है, जिसमें स्पीयर कोर असम सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। सेना बचाव, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तीन विशेष टीमें तैनात हैं। कुछ इलाकों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत कार्य जारी है।