सागर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायालय ने ईपीएफओ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को रिश्वतखोरी का दोषी ठहराया है। न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तार कर पेश करने के लिए वारंट जारी किया है और सजा पर फैसला 30 जुलाई को सुनाया जाएगा। यह मामला जून 2022 का है जब ईओडब्ल्यू सागर ने सतीश कुमार को एक बीड़ी निर्माता फर्म से कथित अनियमितताओं को दबाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। कुल 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।
इंदौर में बिजली कंपनी के एक सब इंजीनियर के खिलाफ लोकायुक्त ने कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में उनके बेटे, बहू और रिश्तेदारों के नाम पर ट्रांसफार्मर निर्माण की कई इकाइयां मिली हैं। आरोप है कि प्रभाव का इस्तेमाल कर इन फर्मों को बिजली कंपनी के ठेके दिलवाए जाते थे। लोकायुक्त अब इन फर्मों की हिस्सेदारी और सरकारी ठेकों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 के पहले छह माह में लोकायुक्त ने 33 ट्रैप और भ्रष्टाचार के प्रकरण दर्ज किए हैं, जिसमें राजस्व विभाग सबसे आगे है।