इंदौर में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के क्रम में चंद्रावतीगंज रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का टेंडर स्वीकृत हो गया है। लगभग 45 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह आरओबी चंद्रावतीगंज रेलवे फाटक पर लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगा। रेलवे विभाग द्वारा जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों और यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी तथा आवागमन सुगम होगा। सांसद शंकर लालवानी के प्रयासों से यह परियोजना आगे बढ़ रही है, जिन्होंने हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इंदौर की रेल अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर चर्चा की थी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अमलाई और बुढ़ार के बीच रोड ओवरब्रिज-66 के रेलवे हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया है। इसमें अत्याधुनिक 1000 टन क्रॉलर क्रेन की मदद से 500 टन वजनी स्टील गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। यह कार्य 3 घंटे के विशेष ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक में ‘गति शक्ति यूनिट, बिलासपुर’ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अक्टूबर 2024 में शुरू हुए इस हिस्से का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है। अगले 2 महीनों में कंक्रीट स्लैब और सड़क निर्माण तथा 3 महीनों में ओवरब्रिज के आम जनता के लिए खुलने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा।
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने पुणे-नाशिक सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन के जाइंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोडकर इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया। समिति दोनों प्रस्तावित मार्गों के विद्युत चुम्बकीय, परिचालन और संरचनात्मक प्रभावों की जांच करेगी और सुरंग, एलिवेटेड संरचनाओं या सीमित पुनर्संरेखण जैसे विकल्पों का आकलन करेगी। यह समिति 60 दिनों के भीतर महाराष्ट्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली 309 किलोमीटर लंबी मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। इस परियोजना के लिए कुल 349.7890 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिसके हस्तांतरण की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने इसे निमाड़, मालवा और उत्तर महाराष्ट्र की वर्षों पुरानी मांग बताया। परियोजना से क्षेत्र को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। समिति ने शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया है।
पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत कटनी में देश के सबसे लंबे रेल ग्रेड सेपरेटर (रेल फ्लाईओवर) का निर्माण 2026 के अंत तक परिचालन के लिए तैयार करने की दिशा में तेजी से चल रहा है। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत 33.40 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। नवंबर तक शेष कार्य पूरा कर वर्षांत तक पूरे ग्रेड सेपरेटर पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 15.85 किलोमीटर लंबा अप ट्रैक पहले ही चालू हो चुका है, जिस पर प्रतिदिन 20 से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं। 17.