पुलिस ने फर्जी नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं से 40 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड शैलेंद्र वर्मा को दमोह से गिरफ्तार किया है। वह सरकारी और आउटसोर्स कार्यालयों में नौकरी दिलाने का वादा कर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करता था और बाद में ई-मेल से निरस्त कर देता था। ठगी की रकम विवेक राय और ओमप्रकाश शुक्ला के खातों में ट्रांसफर की गई। फर्जी अंकसूचियां उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से बनवाई जाती थीं। कई पीड़ितों ने लाखों रुपये गंवाए हैं, जिनमें से अधिकांश रकम अभी भी फंसी हुई है।