बैतूल की कोतवाली पुलिस ने एमपी मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 3.54 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपित आलोक कुमार बामने को डेढ़ साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने फरवरी 2024 में मयूर मालवीय से कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए पैसे लिए और मार्च 2024 में फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। बाद में उसने जाइनिंग टाल दी, पीड़ित का नंबर ब्लॉक किया और बैंक का बाउंस चेक दिया। पीड़ित ने यह रकम ऋण लेकर जुटाई थी। वर्ष 2024 में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपित को पकड़ा, जिसने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने फर्जी नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं से 40 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड शैलेंद्र वर्मा को दमोह से गिरफ्तार किया है। वह सरकारी और आउटसोर्स कार्यालयों में नौकरी दिलाने का वादा कर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करता था और बाद में ई-मेल से निरस्त कर देता था। ठगी की रकम विवेक राय और ओमप्रकाश शुक्ला के खातों में ट्रांसफर की गई। फर्जी अंकसूचियां उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से बनवाई जाती थीं। कई पीड़ितों ने लाखों रुपये गंवाए हैं, जिनमें से अधिकांश रकम अभी भी फंसी हुई है।