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एमपी में लाखों को रोजगार, उज्जैन में यूनिटी मॉल जल्द शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश गारमेंट सेक्टर में प्रगति कर रहा है, धार जिले में पीएम मित्र पार्क पर काम शुरू हो गया है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन में यूनिटी मॉल अगले माह तक पूरा होगा, जहाँ देशभर के उत्पाद उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हथकरघा सप्ताह में ये घोषणाएं कीं और ‘मृगनयनी डॉट कॉम’ तथा ‘ओडीओपी मार्ट एमपी’ ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र के तहत उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है।

टीवीएस ने उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 300 एकड़ भूमि की मांग की

उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता टीवीएस ने 300 एकड़ भूमि की मांग कर बड़े निवेश में रुचि दिखाई है। कंपनी एमपीआईडीसी से विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए यह भूमि चाहती है। यह प्रस्ताव उद्योगपुरी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे उज्जैन प्रदेश के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में और मजबूत होगा। उद्योगपुरी में अब तक 115 उद्यमियों को भूखंड आवंटित हुए हैं और 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सामाजिक अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क का भी तेजी से विकास हो रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

ग्वालियर टेलीकॉम जोन को 1,550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इन्वेस्टर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए ₹1,550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस निवेश से लगभग 3,600 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह 170 एकड़ का पार्क देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा, जहाँ अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग और विनिर्माण एक ही परिसर में होगा। मुख्यमंत्री ने पीथमपुर एसईजेड में फार्मास्यूटिकल प्लांट और सीहोर में ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स इकाई पर भी चर्चा की।

ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन

देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में दिल्ली में केंद्र सरकार के दूरसंचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। केंद्र सरकार ने प्रथम चरण के बुनियादी ढांचे के लिए 500 करोड़ रुपये की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। यह जोन 350 एकड़ में बनेगा, जिसमें 5जी और 6जी तकनीकों सहित उन्नत सुविधाएं होंगी। इससे 9 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे।

मुरैना के कैलारस शक्कर कारखाने की 438 करोड़ की जमीन 60 करोड़ में बिकी

मुरैना के कैलारस स्थित शक्कर कारखाने की 37.887 हेक्टेयर निजी जमीन, जिसका मूल्यांकन जिला पंजीयक व कलेक्टर ने 438.14 करोड़ रुपए किया था, उसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग (MSME) को 60.92 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। विशेषज्ञों और किसान संघ ने पुनर्जीवन का प्रस्ताव दिया था, जिससे एनसीडीसी से 5 हजार करोड़ का ऋण मिल सकता था, 30 हजार रोजगार सृजित होते और 1 लाख किसानों की आय दोगुनी होती। हालांकि, अधिकारियों ने विशेषज्ञ संस्थाओं की सिफारिशों को अनदेखा किया। इस सौदे पर अधिकारियों के तर्क और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आए हैं, जिस पर कई प्रश्न उठाए गए हैं।

इंदौर के मालीखेड़ा में 10 एकड़ भूमि पर बनेगा बहुमंजिला इंडस्ट्रियल पार्क

इंदौर के मालीखेड़ा गांव में 10 एकड़ भूमि पर बहुमंजिला इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की तैयारी चल रही है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र इस परियोजना का नेतृत्व कर रहा है, जिसके लिए राजस्व विभाग से जमीन मिली है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग ने विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी है, जिसे 15 दिनों में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस पार्क में भूखंडों के बजाय बहुमंजिला भवनों में ब्लॉक बनाकर लघु और मध्यम उद्योगों को स्थापित किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विभाग पोलोग्राउंड में भी बहुमंजिला भवनों का प्रयोग कर रहा है, और सनावदिया में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

डॉ. मोहन यादव सरकार ने मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन को मंजूरी दी, 12 जिलों के 5,303 से अधिक गांवों में होगा विकास

डॉ. मोहन यादव सरकार ने ‘मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट एक्ट’ को लागू करते हुए ‘मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ के गठन को मंजूरी दे दी है। इस पहल से भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित 12 प्रमुख जिलों के 5,303 से अधिक गांवों का विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अथॉरिटी के अध्यक्ष होंगे, जबकि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सचिव का पद संभालेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए लगभग 500 नए पदों का सृजन किया जा रहा है। अथॉरिटी स्थानीय निकायों के साथ मिलकर रीजनल कनेक्टिविटी, सड़क, जल आपूर्ति, सार्वजनिक परिवहन, सीवरेज नेटवर्क, औद्योगिक गलियारे और किफायती आवास परियोजनाओं पर काम करेगी।