इंदौर के आजाद नगर निवासी वारिस शेख पर एक हिंदू युवती का शोषण और ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपित 2020 में उससे वीरु बनकर मिला था और मोबाइल फाइनेंस करवाया। आरोपित ने उसे होटल ले जाकर संबंध बनाए और उसके फोटो ले लिए। बाद में युवती को पता चला कि उसका असली नाम वारिस है और वह शादीशुदा है, जिसके बाद उसने संबंध तोड़ लिए। अब आरोपित फोटो के माध्यम से ब्लैकमेल कर रहा है। पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपित की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी है।
इंदौर में गाय चोरी के आरोप में चंदर लोहार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने भुरू यादव और कुणाल यादव को गिरफ्तार किया है। कुणाल यादव पर भाजपा नेताओं और विधायक समर्थकों के संरक्षण का आरोप है, और कहा जा रहा है कि उसका सरेंडर विधायक के इशारे पर हुआ। पूछताछ में कथित हिंदू संगठन से जुड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस मुख्य आरोपी सूरज जाट की तलाश कर रही है, जिसकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है। सूरज पर शराब ठेकेदारों से जुड़कर अवैध वसूली और आपराधिक गतिविधियों का भी आरोप है।
इंदौर पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले ले जाकर विवादित शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कादरी पर सितंबर 2023 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, क्योंकि उसने 2007 में फर्जी दस्तावेजों से कठुआ से 12 बोर बंदूक और 2012 में रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था। जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पास इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस लाइसेंस स्वीकृति प्रक्रियाओं और बिचौलियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। कादरी पर 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें लव जिहाद के आरोप भी शामिल हैं।
कुख्यात बदमाश अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत ने जम्मू कश्मीर में ठेकेदार बनकर शस्त्र लाइसेंस बनवाने की बात स्वीकारी है। उसने दावा किया था कि उसे आतंकियों से जान का खतरा है। सदर बाजार पुलिस ने उसे सात दिन के रिमांड पर लिया है और एजेंटों व मददगारों के संबंध में पूछताछ कर रही है। अनवर के खिलाफ 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका पहला अपराध 1997 में दर्ज हुआ था। उसने 2008 में रामबन से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाया था। पिछले साल ‘लव जिहाद’ फंडिंग मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद यह राज खुला।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद ‘लव जिहाद’ के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और बल या कपट से सहमति प्राप्त करने पर पांच साल की सजा का प्रावधान है। यह कदम 2021 के धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की कम प्रभावशीलता के बाद उठाया गया है, जिसके तहत संगठित गिरोहों के खुलासे भी हुए थे।