टीवी अभिनेता सेहबान अजीम 20 जुलाई को जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में घायल हो गए। उन्होंने अपनी दो महिला मित्रों को बचाते हुए लाठियां खाईं, जिससे उनके हाथ और शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आईं। सेहबान ने पुलिस कार्रवाई को सुनियोजित बताया। इसी प्रदर्शन में वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी को आंसू गैस के गोले से अस्थमा का दौरा पड़ा। दिलजीत दोसांझ ने छात्रों के साथ हुए बर्ताव को गलत बताया, जबकि कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने प्रदर्शन को अनुचित करार दिया। कई अन्य कलाकारों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं, पर किसी को सजा नहीं मिली। राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्र निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार नीट परीक्षा पर लगभग उतना ही खर्च करते हैं जितना केंद्र सरकार का कुल शिक्षा बजट है, और पेपर लीक से उनकी मेहनत व पैसा बर्बाद होता है।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने सरकार पर बर्बरता का आरोप लगाया और कैलाश विजयवर्गीय से ‘कीड़ा’ टिप्पणी पर माफी की मांग की। विजयवर्गीय ने आंदोलन को ‘प्रायोजित’ बताते हुए सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा कराकर छात्रों को राहत देने का दावा किया। चर्चा की मांग ठुकराए जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसी बीच, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,765.
डिटेल्ड रिपोर्ट | Buland Soch News मध्यप्रदेश के हरदा जिले में करणी सेना परिवार (राजपूत समाज) और पुलिस के बीच […]