भारतीय रेलवे चालू वित्त वर्ष में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 27 नई सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनें तैयार कर रहा है। चेन्नई, रायबरेली और कपूरथला की प्रमुख कोच फैक्ट्रियों में इनका निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में 100 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हैं। लंबी अवधि के लिए 1,000 वंदे भारत ट्रेनें बनाने का लक्ष्य है, जिसके लिए 35,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। आईसीएफ चेन्नई और बीईएमएल मिलकर 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन भी बना रहे हैं।
रेलवे प्रशासन ने रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 20174/20173) की रेक संरचना में 75 दिनों के लिए अस्थायी बदलाव का निर्णय लिया है। सात अगस्त से 24 अक्टूबर 2026 तक 16 कोच वाली वंदे भारत रेक का संचालन किया जाएगा, जिससे सीटों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। यह बदलाव रक्षाबंधन, गणेशोत्सव और दशहरे जैसे त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों को बड़ी राहत देगा, क्योंकि इससे अधिक आरक्षित सीटें उपलब्ध होंगी और अंतिम समय में टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस अब नए भगवा रंग और आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों का स्वागत करेगी। झांसी स्थित रेल कोच नवीनीकरण कारखाना में इसे अत्याधुनिक रोबोटिक पेंटिंग तकनीक से प्रीमियम लुक दिया गया है। ट्रेन के भीतर भी कई सुधार किए गए हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा। बुधवार को यह ट्रेन झांसी से भोपाल के लिए रवाना होगी। इसकी एक खास विशेषता यह है कि इसके कोचों में मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों जैसे ग्वालियर किला, खजुराहो, सांची स्तूप और महाकाल लोक उज्जैन को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है, ताकि यात्री प्रदेश की समृद्ध विरासत से परिचित हो सकें।
रेल मंत्रालय ने राज्यसभा में कांग्रेस सांसद अशोक सिंह के सवाल के जवाब में बताया कि मध्य प्रदेश को पिछले तीन वर्षों में 10 ‘वंदे भारत’ ट्रेनें मिली हैं, जो प्रीमियम यात्रा प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों की किफायती और सुगम यात्रा के लिए 14 ‘अमृत भारत’ ट्रेनें भी शुरू की गई हैं। वंदे भारत पूर्णतः वातानुकूलित है और उच्च गति व आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जबकि अमृत भारत गैर-वातानुकूलित बोगियों के साथ किफायती दरों पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार की गई है, जिसमें मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं हैं।